Bihar Phase 2 Voting: वोट देने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर जा सकते हैं? चुनाव आयोग के नियम जान लें
Bihar Phase 2 Voting: बिहार विधानसभा चुनाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग होगी और 14 को नतीजे घोषित किए जाएंगे। आज लोगों का जीवन मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के बिना अधूरा है। मतदाताओं के मन में एक आम सवाल है कि क्या वोट डालते समय मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ ले जा सकते हैं? अगर आपको भी इससे जुड़े नियमों की जानकारी नहीं है, तो जवाब जान लें।
चुनाव आयोग ने इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट से लेकर तमाम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को लाने, इस्तेमाल करने को लेकर चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट नियम तय किए गए हैं।

Bihar Phase 2 Voting: मोबाइल लेकर वोट डालने जा सकते हैं?
- चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने की अनुमति नहीं होती है।
- चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, मतदाता बूथ परिसर में मोबाइल लेकर पहुंच सकते हैं। मतदान कक्ष (जहां ईवीएम लगी होती है) में मोबाइल या गैजेट्स नहीं ले जा सकते हैं। प्रवेश से पहले अपना फोन बाहर रखना होता है।
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- यह नियम मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बनाया गया है। आयोग का मानना है कि अगर लोग मोबाइल या कैमरा लेकर वोट डालेंगे, तो मतदान की गोपनीयता भंग हो सकती है।
- वोट की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है और यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
Bihar Phase 2 Voting: पोलिंग एजेंट के लिए भी नियम
- चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, मोबाइल और इलेक्ट्ऱॉनिक डिवाइस ले जाने पर प्रतिबंध का यह नियम मतदाताओं तक ही सीमित नहीं है। मतदान अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और राजनीतिक दलों के एजेंटों पर भी लागू होता है।
- मतदान केंद्र पर सिर्फ निर्धारित अधिकारी ही आयोग की ओर से तय किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें भी ईवीएम मॉनिटरिंग या वोटिंग प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग के लिए ही उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति होती है। ।
मतदान के दौरान मोबाइल लेकर जाएं या नहीं?
अक्सर मतदान केंद्रों के बाहर एक निर्धारित जगह बनाई जाती है, जहां मतदाता अपने मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रख सकते हैं। चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मतदाताओं की निजी वस्तुएं सुरक्षित रहें।
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