Bihar News: लालू प्रसाद यादव के समर्थन में RJD ने लगाया पोस्टर, न झुका हूं और न झुकूंगा 'टाइगर अभी जिंदा है'
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में लालू प्रसाद यादव के समर्थन में बड़ा पोस्टर लगाया है। ED की कार्रवाई पर RJD ने पोस्टर वार किया है। पोस्टर में लिखा गया है कि न झुका हूं और न झुकूंगा'टाइगर अभी जिंदा है।
पोस्टर में लालू यादव और तेजस्वी यादव की तस्वीरें हैं। इस पोस्टर में दिखाया गया है कि बीजेपी सरकार, RSS, ED और PMO लालू यादव को झुकाने में लगे हैं। लेकिन वो झुकनेवाले नहीं हैं। बिहार की राजनीति में पोस्टर वार की लड़ाई खुब चलती है। 2020 के विधानसभा चुनाव में JDU ने नीतीश कुमार के समर्थन में पोस्टर लगाया था। क्यूं करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार। तो राजद ने पलटवार करते हुए पोस्टर लगाया था क्यूं न करें विचार, बिहार है बीमार।

बता दे कि नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में बुधवार(19 मार्च) को ईडी ने लालू यादव से लंबी पूछताछ की। इसी बीच पटना में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए 'टाइगर अभी जिंदा है। गौरतलब है कि लालू यादव बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद व्यक्तित्व रहे हैं, जिनका प्रभाव कई दशकों तक राज्य की राजनीतिक दिशा पर रहा है। उन्होंने बिहार में राजनीतिक और समाजीक लड़ाई लड़ी। आज भी उनके अधिक संख्या में समर्थ हैं जो उन्हें पसंद करते हैं।
लालू परिवार के 5 सदस्यों को आरोपी बनाया गया है
नौकरी के बदले जमीन लेने के मामले में लालू परिवार के 5 सदस्यों को आरोपी बनाया गया जिनमें लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप, राबड़ी देवी, हेमा यादव और मीसा भारती शामिल हैं। इसी साल के अंत में बिहार विधानसभा के चुनाव भी होने वाले है। ऐसे में राजद पार्टी पर ये गंभीर आरोप निश्चित तौर पर पार्टी के छवी को नुकसान पहुंचा सकते है। हलांकि, इस मामले में RJD का कहना है कि ये एक साजिश है।
नौकरी के बदले जमीन घोटाले का मामला क्या है?
नौकरी के बदले जमीन घोटाले का मुद्दा बिहार की पूर्व सीएम लालू यादव से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने लालू समेत 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। र्जशीट के मुताबिक 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में काम करते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे की ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन और संपत्ति लिखवाई थी। आरोप हैं कि कुछ पदों पर नियुक्ति करते समय नौकरी के बदले जमीन से संबंधित सौदे किए गए, जिससे निजी हितों को बढ़ावा मिला। इन आरोपों को राजनीतिक दांव-पेच और चुनावी राजनीति का हिस्सा भी माना जाता है। लालू यादव ने इन आरोपों का विरोध किया है और दावा किया है कि ये राजनीतिक साजिश है।












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