Bihar News: प्रदेश सरकार द्वारा नई भर्ती के बाद कर्मचारियों की सैलरी पर गरमाई सियासत, जानिए मामला
Bihar News, BJP Leader RCP Singh: बिहार में हुई शिक्षक भर्ती के बाद अब उनकी सैलरी को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। भाजपा नेता आरसीपी सिंह ने प्रदेश सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है। वहीं रोज़गार नीति पर तंज़ कसते हुए कहा कि बिहार सरकार नौकरी बांट रही है, लेकिन कर्मचारियों को सैलरी कहां से देंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार यह साफ करे कि कितने नए कैंडिडेट्स की शिक्षक भर्ती हुई। बताएं की नए शिक्षकों की तादाद कितनी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग में पहले तरह-तरह की नियुक्ति की।

प्रदेश सरकार ने पहले पंचायत शिक्षकों की नियुक्ति की, इसके बाद नियोजित शिक्षक नियुक्त हुए, फिर रेगुलर शिक्षक की अलग से बहाली हुई। सरकार को यह साफ करना चाहिए की BPSC द्वारा ली गई परीक्षा से कितने कमायबा हुए और पहले से शिक्षा विभाग में कितने लोग नौकर कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी दे रही है, बिहार में पहले ही रोज़गार की कमी है। दूसरे राज्यों में यह कोशिश होती है कि ग्रुप सी और डी में बाहर की लोगों को नहीं रख जाए ताकि प्रदेश के युवाओं को रोज़गार मिले। बिहार में उलचा ही हो रहा है, यही वजह है कि प्रदेश के युवाओं को कम रोज़गार मिल रहा है।
आरसीपी सिंह न कहा कि सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार सरकार नौकरियां बांट रही है, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी कहां से आएगी। बिहार की वित्तीय व्यवस्था कमज़ोर है, सैलरी के लिए बजट का क्यै सोर्स है? मुश्किल से प्रदेश सरकार आय मुश्किल 49 हज़ार 500 करोड़ है। वहीं प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के पेंशन और सैलरी पर ही 90 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
केंद्र सरकार और बैंकिंग बैंकिंग सिस्टम से रुपये नहीं मिलने पर प्रदेश के कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिल पाएगी। 33 सालों से लालू और नीतीश प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ हैं। बिहार में संसाधन बढ़ने के लिए कोशिश नहीं की जा रही है। 25 हज़ार करोड़ रुपये की शराब से इनकम होती थी, जो कि शराबबंदी की वजह से ख़त्म हो गई।












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