चारा घोटाले के दोषियों से रिकवरी करेगी नीतीश सरकार, सम्राट चौधरी ने कहा- लालू हो या कोई और जब्त होगी संपत्ति
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चारा घोटाले (Fodder Scam) का जिन्न एक बार फिर बाहर निकाल आया है। इस मामले में बिहार की नीतीश सरकार ने बड़ा बयान दिया है। जी हां...नीतीश सरकार अब चारा घोटाले में डकारे गए 950 करोड़ रुपए की राशि दोषियों से वसूलेगी।
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को चारा घोटाले में कोर्ट ने दोषी करार दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चारा घोटाले की 950 करोड़ रुपए की रकम वसूलने के लिए नीतीश सरकार सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बातचीत कर रही है।

इस बीच चारा घोटाला मामले पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि चारा घोटाला से जुड़े लोगों की संपत्ति जब्त की जाएगी। साथ ही, जब्त की गई राशि को सरकारी खजाने में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायालय का था उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
लालू यादव की जब्त होगी संपत्ति
इतना ही नहीं, डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि लालू यादव हो या कोई और जिन्होंने घोटाला किया है उनकी संपत्ति जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि यह फैसला कोर्ट का है, सरकार का फैसला नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि इसके खिलाफ कार्रवाई करना है, तो सरकार इस पर कार्रवाई करेगी।
सरकारी खजाने में डाला जाएगा पैसा
अब तो 28 साल हो गए हैं, सुप्रीम कोर्ट तक से सजा हो गई। कोर्ट ने संपत्ति जब्त की है अब इसे कुर्क करके सरकारी खजाने में पैसा डालने का काम किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि ये आदेश न्यायालय ने दिया है और कोर्ट के माध्यम से ही सारी चीजें की जाएंगी। बता दें कि अगर नीतीश सरकार चारा घोटाले की रकम वापस लाने की कोशिश करती है तो देशभर में यह एक बड़ी पहल होगी।
बिहार में बन सकता है बड़ा चुनावी मुद्दा
अगर नीतीश सरकार चारा घोटाले मामले पर कोई बड़ा और पुख्ता कदम उठाती है तो यह चुनावी साल में बड़ा मुद्दा भी बन सकता है। साथ ही इस मामले में जो भी राजनेता संलिप्त रहे हैं उनके नाम को जनता के बीच एक बार फिर नए सिरे से उछाला जा सकेगा। हालांकि यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए बिहार सरकार पूरी तैयारी के साथ कदम उठाने के प्रयास में है।
पशुपालन विभाग से जुड़ा है चारा घोटाला
खबर के मुताबिक, 950 करोड़ का चारा घोटाले का यह मुद्दा भारत के सबसे बड़े करप्शन कांड में से एक था। यह घोटाला अविभिजाति बिहार (बिहार+झारखंड) में पशुपालन विभाग से जुड़ा हुआ था। पशुओं के चारे और पशुपालन से सबंधित फर्जी बिल के जरिए करीब 950 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई थी।
पशुओं से संबंधित होने के कारण इस चारा घोटाला नाम दिया गया। उस वक्त बिहार में लालू यादव की सरकार थी। इस घोटाले का खुलासा साल 1996 में तब हुआ, जब चाईबासा के उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा किया।
CBI ने दर्ज किए थे 66 मामले
मामला सामने आने के बाद मार्च 1996 में पटना हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई जांच में इस केस की धीरे-धीरे परतें खुलती गईं और सीबीआई ने कुल 66 मामले दर्ज किए थे। साथ ही, 170 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से कई प्रमुख लोगों को कोर्ट द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है।
पांच मामलों में लालू यादव दोषी करारा
चारा घोटाले से जुड़े पांच मामलो में कोर्ट ने लालू यादव को दोषी ठहराया है। इतना ही नहीं, लालू यादव पशुपालन घोटाले के मामलों में अब तक कुल 7 बार जेल भी जा चुके हैं। लालू यादव के इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, जगदीश शर्मा, आर.के. राणा जैसे नेताओं और अफसरों को भी इस मामले में सजा सुनाई गई है।












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