Bihar News: पटना में AI कंपनी ने खोला अपना दफ्तर, जानिए क्या है इसके पीछे का मकसद
First IT Company Of Bihar, Tiger Analytics: बिहार में पहली बार किसी IT कंपनी ने क़दम रखा है। यह प्रदेशवासियों के लिए बहुत बड़ी खुशख़बरी ही है। हिंदुस्तान में करीब 4 हज़ार लोग इस कंपनी में काम कर रहे हैं। ज़्यादातर लोग चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद में कार्यरत हैं। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी टाइगर एनालिटिक्स ने अब बिहार में कदम रखा है।
आपको बता दें कि टाइगर एनलालिटिक्स का हेड ऑफ़िस सांता क्लारा में है। बिहार में क़दम रखने के साथ टाइग एनालिटिक्स के नाम एक रिकॉर्ड भी जुड़ गया है, वह प्रदेश में क़दम रखने वाली पहली आईटी कंपनी है, इससे पहले किसी भी आईटी कंपनी ने बिहार में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। बिहार में क़दम रखने का क्या मकसद है, इस कंपनी के आने से क्या फायदे होंगे। आइए विस्तार से जानते हैं।

टाइगर एनालिटिक्स के संस्थापक और सीईओ महेश कुमार का ताल्लुक बिहार से ही है। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हमने जो शुरुआती क़दम उठाए हैं, उम्मीद कर रहे हैं इसमे कामयाबी मिलेगी और हम सभी लोग तरक्की की राह में आगे बढ़ेंगे।
महेश कुमार ने बताया कि कोरोना काल के दौरान काफ़ी तादाद में उनके बिहार वापस आ गए और घर से ही काम करना शुरू किया। बिहार और झारखंड से करीब 100 कर्मचारी अभी भी उनकी कंपनी में काम कर रहे हैं। जो कि घर से काम रहे थे और वहां खुश थे। यह सभी लोग घर से दूर आना नहीं चाह रहे थे।
महेश कुमार को अहसास हुआ कि युवा और अच्छे प्रतिभाशाली लोग घर के क़रीब रहकर काम करना चाहते हैं, लेकिन बिहार में उनके लिए काम करने का कोई अवसर नहीं हैं। पटना (बिहार) में दफ़्तर डालने के बाद भी लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि, लोग बिहार में टाइगर एनालिटिक्स के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वापस कंपनी के साथ काम कर सकें। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह फ़ैसला लिया।
महेश कुमार ने कहा कि सिलिकॉन वैली में बिहार के अन्य सफल उद्यमियों के साथ नियमित रूप से बातचीत होती है। उनका मकसद है कि वह एक सोच वाले लोगों को साथ लाकर बिहार में एक बड़ा नो इकोसिस्टम विकसित किया जाए। इसी के मद्देनज़र एक प्रयोग किया गया है। टाइगर एनालिटिक्स ख़ास तौर से मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में एक कंसल्टिंग कंपनी है।
बिहार के उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा कि हम लोगों को उम्मीद है कि इस पहल को ध्यान में रखते हुए इसी तरह कई और कंपनियां भी बिहार आएंगी। हम आईटी कंपनियों की बिहार में परिचालन शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बहुत आसान काम इसलिए नहीं हैं क्योंकि अभी बिहार में ज्यादा आईटी कंपनियां नहीं हैं।
बिहार के हज़ारों इंजीनियरिंग के छात्र प्रदेश में आईटी कंपनी नहीं होने की वजह से दूसरे राज्य जाते हैं। अब प्रदेश के युवाओं को रोज़गार के लिए पलायान नहीं करना पड़ेगा। बिहार में IT कंपनी नहीं होने की वजह से प्रदेश के होनहार छात्रों को भी मजबूरी में पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब प्रदेश में ही युवाओं को रोज़गार मिलेगा। लोगों ने कहा कि IT सेक्टर में यह एक अच्छी पहल है।
-
LPG Cylinder: कमर्शियल गैस सिलेंडर पर सरकार का चौंकाने वाला फैसला, आज से बदल गए नियम! -
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट -
Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट? -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
LPG Oil Crisis: हॉर्मुज में तैर रहे हैं 3.2 लाख टन गैस, भारत पहुंचा तो कितने सिलेंडर भरे जा सकते हैं -
Kim Jong-un की 99.93% वाली जीत पर दुनिया हैरान, कौन हैं वो 0.07% ‘बहादुर वोटर्स’, जिन्होंने खिलाफ वोट डाला? -
Nora Fatehi के 'सरके चुनरिया' गाने पर सरकार का बड़ा एक्शन, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कह दी ऐसी बात -
भोजपुरी के ये 3 गाने हैं 'बदनाम', सुनते ही कान कर लेंगे बंद, खुलेआम नहीं हेडफोन लगाकर सुनना -
Pradyut Bordoloi: कौन हैं बोरदोलोई ? जिन्होंने चुनाव से पहले छोड़ी कांग्रेस, अब हुए बीजेपी में शामिल -
सेंसर बोर्ड ने रणवीर सिंह की फिल्म में करवाए भयंकर बदलाव, कई कट के बाद भी मिला A सर्टिफिकेट -
Khan Sir Viral Video: कौन है खान सर का दुश्मन? पटना के मशहूर टीचर ने पहली बार खुलेआम बताया नाम












Click it and Unblock the Notifications