इस IPS अधिकारी ने जिले को बनाया अपराधमुक्त, गांववालों ने दिया अनोखा सम्मान
पटना। आज तक आप लोगों ने समाजसेवी, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर गांव और चौराहे का नाम रखे जाने की बात सुनी होगी पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं बिहार कैडर के एक ऐसे आईपीएस के बारे में जिसके काम करने के तरीके और सादगी से प्रभावित होकर गांव वालों ने अपने गांव के चौराहे का नाम IPS के नाम पर रखा। अब इस चौराहे को विकास वैभव चौराहे के नाम से जाना जाएगा।

ट्रांसफर पर रोने लगे थे लोग
पश्चिमी चंपारण के बगहा 2 प्रखंड के बरवल पीपरा ढाला को आज से विकास वैभव चौराहा के नाम से जाना जाएगा। विकास वैभव बगहा में एसपी रहे थे। लेकिन इतने चर्चित की आज भी लोग इन्हें दिल से याद करते है। जंगल,पहाड़ और नदी से नैसर्गिक इस जिले में विकास वैभव ने काफी काम किया था। विकास वैभव बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी है जो राजधानी पटना सहित कई जिले में एसएसपी के पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं। जिस किसी भी जिले में इन्होंने SP पद पर अपना कार्यभार संभाला वहां की जनता उनके काम करने के अंदाज को देख उनकी दीवानी हो गई। जब इनका ट्रांसफर हुआ था तो जनता के आंखों में आंसू छलक गए थे। फिलहाल ये भागलपुर रेंज के डीआईजी के पद पर तैनात हैं।

क्यों दिया चौराहे का नाम
अब हम आपको बताने जा रहे हैं वह बातें जिससे गांव वालों ने अपने गांव के चौराहे का नाम विकास वैभव रख दिया। बात वर्ष 2007 की है जब विकास वैभव बगहा के SP बन कर गए थे। तभी उस जिले का हालात कुछ और ही था। दिनदहाड़े हत्या, बलात्कार और लूट की घटना से जिले की जनता सहमी हुई रहती थी। तभी इस इलाके को चंपारण का चंबल के नाम से जाना जाता था। खास कर वह चौराहा जिसका नाम बदलकर विकास विभाग चौराहा रखा गया वह अपराधियों का अड्डा हुआ करता था। तभी इलाके के रहने वाले गजेंद्र यादव ने विकास वैभव से मुलाकात कर इस चौराहे की समस्या बताई। और कहां कि अपराधियों के वजह से यहां हालात ऐसे हैं कि लोग दिन में भी घर से निकलने से कतराते हैं।

खुद अपराधियों के खिलाफ संभाला कमान
गजेंद्र यादव की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विकास बैभव ने ख़ुद मोर्चा संभाला और देखते ही देखते सभी अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया तथा चौराहे को अपराधियों से मुक्त कराया। जिसके बाद गांव वालों ने उन्हें सम्मान करने की बात कही और अपने सम्मान में विकास वैभव ने गांव वालों से कहा की हर एक व्यक्ति इस चौराहे पर एक पेड़ लगाएं जिससे हमारा सम्मान हो जाएगा। जिसके बाद गांव वालों ने पेड़ लगाना शुरु किया और आज उस चौराहे पर लगभग 7 हजार पेड़ लग चुके हैं। कभी अपराधियों के नाम से जाने जाने वाला यह चौराहा आज गुलजार है। चौराहे पर दुकानें सज गई हैं। पेड़ पौधे बड़े हो गए और एक सुंदर बाजार का रूप ले लिया है।

लोगों ने ऐसे किया सम्मान
आज 10 साल से अपराध मुक्त बना इस चौराहे को गांव बालों ने विकास वैभव चौराहा का नाम दे दिया। और इसके लिए एक विधिवत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें यह कहा गया कि आज इस चौराहे पर जो रौनक देखने को मिलती है वह विकास वैभव की वजह से आई है इसलिए आज से इस चौराहे का नाम विकास वैभव रखा जाएगा ताकि वह हमेशा के लिए हम लोगों के बीच यादगार बने रहे।












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