Sarkari Naukri: स्वास्थ्य विभाग में 41 हज़ार पदों पर होगी भर्ती, मंत्री मंगल पांडे ने बताया क्या है प्लान
Sarkari Naukri: बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग में 41,000 से ज़्यादा रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि विभिन्न शाखाओं में 43,838 पद रिक्त हैं। इनमें से 41,755 पदों के लिए अधियाचन भेजा जा चुका है। इस कदम का उद्देश्य राज्य के स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।
हाल ही में हुई एक बैठक में स्वास्थ्य मंत्री पांडे ने आयुष डॉक्टरों के लंबित वेतन भुगतान के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, 100 बिस्तरों वाले बच्चों के अस्पताल के लिए दस्तावेज तैयार करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। यह पहल स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

भर्ती और बुनियादी ढांचे का विकास
भर्ती संबंधी अधियाचनाएं कई आयोगों में वितरित की गई हैं: बिहार कर्मचारी चयन आयोग को 69, बिहार लोक सेवा आयोग को 1,943, बिहार तकनीकी सेवा आयोग को 36,186 और बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड को 2,537 अधिसूचनाएं भेजी गई हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक पदों को भरने के लिए ये कदम महत्वपूर्ण हैं।
मंत्री पांडे ने ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों में जनरेटर के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया। आपात स्थिति के दौरान निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह उपाय महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, राज्य भर के स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को अपग्रेड करने के लिए एक कार्य योजना पर काम चल रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
शहरी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए एक कार्य योजना प्रस्तावित की गई। मंत्री ने इन क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया। यह पहल सभी नागरिकों के लिए समान स्वास्थ्य सेवा पहुँच के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
पीएमसीएच के शताब्दी वर्ष समारोह के लिए एक भव्य कार्यक्रम की योजना बनाई गई है। इस संस्थान से जुड़े डॉक्टरों को विश्व स्तर पर आमंत्रित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत विभाग उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित करेगा। यह समारोह पीएमसीएच की विरासत और चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में योगदान को रेखांकित करता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत बनाना
चर्चा में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्री ने सभी योजनाओं और प्रस्तावों को तुरंत लागू करने के लिए विशिष्ट निर्देश दिए। इन प्रयासों का उद्देश्य पूरे बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन दक्षता को बढ़ाना है।
समीक्षा बैठक में विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, सचिव संजय सिंह, कार्यकारी निदेशक सहर्ष भगत और निजी सचिव अमिताभ सिंह समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। उनकी भागीदारी बिहार की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण को उजागर करती है।
यह व्यापक रणनीति भर्ती, बुनियादी ढांचे के विकास और कुशल प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों का समाधान करने के लिए बिहार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।












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