Bihar Final Voter List: 'शिकायत क्यों नहीं?' राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों पर बीजेपी-EC का पलटवार
Bihar Final Voter List: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। बुधवार, 1 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो उन्होंने चुनाव आयोग (EC) में औपचारिक शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई?
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसमें 68.6 लाख नाम हटाए गए हैं, जिनमें मृतक, पलायन कर चुके और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। उन्होंने राहुल के "स्पिट एंड रन" वाले अंदाज़ पर तंज कसते हुए कहा कि "प्रोपेगेंडा फैलाना ही कांग्रेस नेता का SOP बन गया है।"

कांग्रेस ने क्या लगाया आरोप?
राहुल गांधी कांग्रेस के 'वोट चोरी' अभियान का चेहरा बने हुए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग और बीजेपी मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रहे हैं, ताकि मतों की हेराफेरी कर चुनावी नतीजे प्रभावित किए जा सकें।
कांग्रेस का कहना है कि यह प्रक्रिया करोड़ों वास्तविक नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर देगी। 7 अगस्त को राहुल गांधी ने मीडिया के सामने दावा किया था कि कुछ लोकसभा क्षेत्रों का डेटा बताता है कि आयोग ने बीजेपी के इशारे पर चुनाव को प्रभावित किया, ताकि पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनावों में फायदा मिले।
राहुल ने आरोप लगाया कि जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मतदाता सूची में मृत मतदाताओं के साथ चाय' पी। इसके अलावा कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने 'वोट अधिकार यात्रा' भी निकाली।
कांग्रेस का यह भी आरोप है कि इस प्रक्रिया में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के नाम अधिकतर काटे गए हैं, क्योंकि ये वर्ग दस्तावेज़ों की कमी के कारण खुद को सही साबित करने में असमर्थ रहते हैं।
राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा कि आगे और बड़े खुलासे होंगे और "मिनी-हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, यूरेनियम और प्लूटोनियम बम" बिहार में वोट चोरी का पर्दाफाश करेंगे।
चुनाव आयोग ने क्या सफाई दी?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को कड़े शब्दों में खारिज किया है। महाराष्ट्र के मामले पर आयोग ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर कांग्रेस के समर्थकों के वोट काटे जाने के आरोप को भी आयोग ने खारिज कर दिया।
आयोग ने यह भी साफ किया कि किसी भी वोट को ऑनलाइन हटाना असंभव है, इसलिए 'सॉफ़्टवेयर से वोट डिलीट करने' का दावा झूठा है। बिहार चुनाव को लेकर आयोग ने कहा कि 1 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर किसी भी राजनीतिक दल ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई, न ही राजद (RJD)-कांग्रेस गठबंधन ने कोई औपचारिक शिकायत सौंपी।
आयोग ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि अगर उनके आरोप सच हैं तो वे लिखित घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर आरोपों को प्रमाणित करें, वरना देश से माफी मांगें।
कांग्रेस की दलील
हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दावा किया कि पार्टी ने 89 शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आयोग ने उन्हें खारिज कर दिया। खेड़ा के मुताबिक, जब पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) शिकायत लेकर गए तो उन्हें आयोग ने यह कहकर लौटा दिया कि शिकायतें केवल व्यक्तिगत रूप से स्वीकार की जाएंगी, न कि किसी राजनीतिक दल की ओर से।
उन्होंने कहा कि "चुनाव आयोग मीडिया में ख़बरें प्लांट करवाता है कि कोई शिकायत नहीं आई, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस के लाखों शिकायतें आयोग ने खारिज कर दीं।"
अंतिम मतदाता सूची के आंकड़े
- मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। आंकड़ों के अनुसार:
- 48 लाख अपात्र मतदाता हटाए गए (मृतक, डुप्लीकेट, पलायन आदि)।
- 21 लाख नए मतदाता जोड़े गए।
- अब बिहार में कुल 7.41 करोड़ मतदाता आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान करने के पात्र होंगे।












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