Bihar Result 2025: बिहार चुनाव में सबसे पढ़ा-लिखा प्रत्याशी जीता या हारा? किस पार्टी से थे और कितने वोट मिले
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम घोषित होने के साथ ही यह साफ हो गया है कि चुनावी गणित, सामान्य गणित के सिद्धांतों पर नहीं चलता। प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के टिकट पर पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट (सीट संख्या 183) से मैदान में उतरे, 'मैथ्स गुरु' और शिक्षाविद प्रोफेसर केसी सिन्हा को इस चुनावी परीक्षा में हार का सामना करना पड़ा है।
दशकों तक लाखों छात्रों को IIT-JEE जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार करने वाले और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रहे प्रोफेसर सिन्हा की उम्मीदवारी ने कुम्हरार सीट के मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया था।

कुम्हरार सीट का फाइनल नतीजा
प्रोफेसर केसी सिन्हा इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे, जबकि बीजेपी के प्रत्याशी ने शानदार जीत दर्ज की। परिणाम के आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
- विजेता: संजय कुमार
- पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- प्राप्त कुल वोट: 1,00,485
- जीत का अंतर: 47,524 वोटों से जीत
- दूसरे नंबर पर: इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी
- पार्टी: इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC)
- प्राप्त वोट: 52,961
सबसे पढ़े-लिखे प्रत्याशी: प्रोफेसर केसी सिन्हा को कितने वोट मिले?
- पार्टी: जन सुराज पार्टी (JSP)
- प्राप्त वोट: 15,017 (तीसरे स्थान पर)
- हार का अंतर (विजेता से): 85,468 वोटों से हारे।
कुम्हरार सीट पर बीजेपी के संजय कुमार ने 1,00,485 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि सबसे पढ़े-लिखे प्रत्याशियों में से एक, प्रोफेसर केसी सिन्हा को केवल 15,017 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे।
कितने पढ़े-लिखे हैं BJP के संजय कुमार
बीजेपी (BJP) के उम्मीदवार के रूप में कुम्हरार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले संजय कुमार की शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduate) है। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने शैक्षणिक सेवा (Educational Services) को अपना पेशा घोषित किया है, तो ऐसे में कह सकते हैं कि थोड़ा कम ही सही लेकिन बीजेपी का विजेता उम्मीदवार भी पढ़ा लिखा है।
कौन हैं प्रोफेसर केसी सिन्हा, जिनका चुनावी 'फॉर्मूला' नहीं चला?
प्रोफेसर केसी सिन्हा, जिनका जन्म 29 दिसंबर 1954 को हुआ था, उन्हें मुख्य रूप से एक लेखक, गणितज्ञ और शिक्षाविद के रूप में जाना जाता है। उन्होंने गणित पर 70 से अधिक किताबें लिखी हैं, जो पिछले 40 सालों से IIT-JEE जैसी परीक्षाओं को क्रैक करने में लाखों छात्रों की मदद करती आई हैं।
प्रोफेसर सिन्हा ने शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित पदों पर कार्य किया है, जिनमें:
- पटना विश्वविद्यालय में गणित विभाग के प्रमुख।
- पटना साइंस कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल।
- नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति।
उन्हें 'मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार' और 'ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड' सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। चुनावी मैदान में उतरने से पहले, उन्होंने कहा था कि बिहार की समस्याओं को हल करने के लिए 'स्थानीय संदर्भों के आधार पर समस्या को समझना और फिर उस पर सटीक रणनीति बनाकर लागू करना' ही एकमात्र फॉर्मूला है। हालांकि, यह 'फॉर्मूला' उन्हें चुनावी जीत दिलाने में सफल नहीं हो पाया।












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