चुनाव आयोग की बैठक से मांझी, सहनी और प्रशांत किशोर बाहर, क्या अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगी उनकी पार्टियां?

Bihar Election Commission Visit: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम के पटना दौरे पर हैं। आयोग ने राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, लेकिन जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' (HAM) और मुकेश सहनी की पार्टी 'वीआईपी' (VIP) जैसे महत्वपूर्ण दलों को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा है।

प्रशांत किशोर की 'जनसुराज' और उपेंद्र कुशवाहा की 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' को भी न्योता नहीं मिला। जिसको लेकर पूरे बिहार एक बड़ी राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है।

Bihar Election Commission Visit

किन-किन दलों को आमंत्रित किया गया?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी सहित चुनाव आयोग की टीम बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंची है। शुक्रवार शाम को पटना पहुंचने के बाद, आयोग ने शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

इस बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट), नेशनल पीपुल्स पार्टी, कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और पुरानी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी जैसे 12 मान्यता प्राप्त दलों को आमंत्रित किया गया था।

ये भी पढ़ें: Bihar Chunav से पहले PM Modi ने की सौगातों की बौछार, 62,000 करोड़ की योजनाओं में बिहारी युवाओं पर फोकस

मांझी और सहनी और PK की पार्टी को क्यों नहीं बुलाया?

हालांकि, जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' (HAM), मुकेश सहनी की पार्टी 'वीआईपी' (VIP), प्रशांत किशोर की पार्टी 'जनसुराज' और उपेंद्र कुशवाहा की नई पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' को इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने का मौका नहीं मिला। निर्वाचन विभाग के अनुसार, इन दलों को मान्यता प्राप्त नहीं होने के कारण आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि ये सभी बिहार की चुनावी राजनीति में गहरी पैठ रखते हैं और आगामी चुनावों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इन दलों को चुनाव लड़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इस बहिष्कार ने इन दलों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है और राजनीतिक गलियारों में इस पर तीखी बहस छिड़ गई है।

ये भी पढ़ें: Bihar Chunav: कब होगी तेज प्रताप यादव की RJD में वापसी? Tejashwi Yadav ने किया खुलासा

चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा जारी

चुनाव आयोग का यह दौरा केवल राजनीतिक दलों से मुलाकात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वसमावेशी ढंग से संपन्न कराना है। राजनीतिक दलों के साथ बैठक के बाद, आयोग की टीम मंडल आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों (IG), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DM) और जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ बैठक करेगी। इन बैठकों में जिला स्तर पर हुई तैयारियों, आदर्श आचार संहिता के दौरान नियमों के अनुपालन और प्रशासनिक तथा सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जाएगी।

ये भी पढ़ें: Bihar Election 2025: पटना में हाईलेवल EC की बैठक शुरू, BJP से AAP तक 12 दल शामिल, 3 दिन में चुनाव का ऐलान?

5 अक्टूबर को चुनाव आयोग करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस

रविवार यानी पांच अक्टूबर को, आयोग के सदस्य प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य चुनाव के दौरान निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेना है। आयोग की टीम राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगी ताकि राज्य स्तरीय चुनावी तैयारियों का आकलन किया जा सके। दौरे के अंतिम चरण में, पांच अक्टूबर की दोपहर को चुनाव आयोग की टीम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी, जिसमें अब तक की समीक्षा के निष्कर्षों और आगामी दिशा-निर्देशों को सार्वजनिक किया जाएगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+