Bihar Chunav: कब होगी तेज प्रताप यादव की RJD में वापसी? Tejashwi Yadav ने किया खुलासा
Bihar Chunav Tej Pratap Yadav: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों सियासी और पारिवारिक दोनों मोर्चों पर खुद को अलग-थलग पा रहे हैं। पार्टी से बाहर किए जाने और परिवार से बढ़ती दूरी के बीच, तेज प्रताप ने अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने के लिए एक नया रास्ता चुना है। उन्होंने हाल ही में अपनी नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' (JJD) की घोषणा की है, यह घोषणा करते हुए कि वह अब अपने दम पर राजनीति करेंगे।
इस बीच, जब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से तेज प्रताप की आरजेडी में वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि फिलहाल यह मुश्किल है। उनके इस बयान ने तेज प्रताप के राजनीतिक भविष्य और यादव परिवार के भीतर के समीकरणों पर नई बहस छेड़ दी है।

तेजप्रताप को किसने निकाला तेजस्वी या लालू?
जब एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने तेजस्वी यादव से तेज प्रताप यादव के राजनीतिक अलगाव पर सवाल किया, तो तेजस्वी ने कई अहम बातें कही। उनसे पूछा गया कि क्या तेज प्रताप का पार्टी और परिवार से कटना लालू यादव का व्यक्तिगत निर्णय था या पूरे परिवार का सामूहिक निर्णय। इस पर तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया, 'लालू जी पार्टी और परिवार के हेड हैं, लास्ट डिसिजन उनका होता है इसलिए वो उनका निर्णय हैं।' इस बयान से साफ है कि तेज प्रताप के खिलाफ लिया गया यह फैसला स्वयं आरजेडी सुप्रीमो का था।
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कब होगी तेजप्रताप की RJD में वापसी?
इसके अलावा, जब तेजस्वी (Tejashwi Yadav On Tejpratap) से पूछा गया कि क्या कभी तेज प्रताप की आरजेडी में घर वापसी होगी, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला जवाब दिया: "6 साल तक तो मुश्किल है।" यह बयान न केवल तेज प्रताप के आरजेडी में तत्काल भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यादव परिवार और आरजेडी के भीतर के बदलते समीकरणों की ओर भी इशारा करता है। तेजस्वी के इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि परिवार और पार्टी के भीतर अब नेतृत्व की बागडोर पूरी तरह से उनके हाथ में है।
तेज प्रताप की नई सियासी राह
तेज प्रताप ने घोषणा की है कि आने वाले Bihar Assembly Elections में वे खुद JJD के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरेंगे। इतना ही नहीं, उनकी पार्टी पूरे बिहार की सीटों पर प्रत्याशी खड़ा कर अपनी चुनावी मौजूदगी दर्ज कराएगी।उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अब किसी के भरोसे नहीं, बल्कि अपने दम पर राजनीति करेंगे।
तेज प्रताप को पार्टी से क्यों निकाला गया था?
कुछ दिन पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अनुष्का यादव के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी। हालांकि बाद में उन्होंने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। लेकिन रविवार को एक टीवी चैनल से बातचीत में तेज प्रताप ने खुद इस रिश्ते को स्वीकार करते हुए कहा कि फोटो उन्होंने ही पोस्ट की थी और प्यार करना कोई गुनाह नहीं है। इसी मामले ने बड़ा विवाद खड़ा किया और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने कड़ा कदम उठाते हुए तेज प्रताप को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। वहीं, तेजस्वी यादव ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बर्दाश्त से बाहर है। तेज प्रताप ने अब साफ किया है कि प्यार की एक कीमत होती है और उन्होंने वह कीमत चुकाई है, लेकिन आगे उनका पूरा फोकस बिहार के विकास पर रहेगा।
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