Bihar Election 205: जनसुराज 243 सीटों कैसे उतारेगा अपने उम्मीदवार? प्रशांत किशोर ने बनाया मास्टर प्लान
Bihar Election 2025 Prashant Kishor: बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है। सभी दल अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति में जुट गए हैं। ऐसे माहौल में सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रही है प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज। प्रशांत किशोर ने एक ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत पार्टी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
खास बात ये है कि टिकट बंटवारे का फैसला बंद कमरे में नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता की राय के आधार पर होगा। यही रणनीति जनसुराज को बाकी दलों से अलग खड़ा करती है।

विधानसभा वार सम्मेलन से होगी शुरुआत
जनसुराज पार्टी ने सोमवार (22 सितंबर) से विधानसभा वार सम्मेलन की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 26 सितंबर से लेकर 3 से 6 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। हर सम्मेलन में पार्टी के संस्थापक सदस्य, केंद्रीय पर्यवेक्षक, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष मौजूद रहेंगे।
इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं से लेकर बूथ, पंचायत और प्रखंड स्तर तक की इकाइयों से उस इलाके की राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक लिया जाएगा।
टिकट बंटवारे का नया प्रयोग
जहां अन्य दलों में टिकट का फैसला आलाकमान करता है, वहीं जनसुराज इसे पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से करने का दावा कर रही है। उम्मीदवार चुनने से पहले कार्यकर्ताओं से पूछा जाएगा कि कौन व्यक्ति चुनाव लड़ने की क्षमता और प्रभाव रखता है।
साथ ही उम्मीदवार की सामाजिक पकड़, लोकप्रियता और संगठन से जुड़ाव पर भी राय ली जाएगी। पार्टी प्रवक्ता सैयद मसीहउद्दीन के मुताबिक, जनसुराज का ये प्रयोग बिहार की राजनीति में एक "नवाचार" साबित हो सकता है।
पैक्स प्रतिनिधियों से मुलाकात
प्रशांत किशोर ने हाल ही में भोजपुर और बक्सर के करीब 300 पैक्स प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि जब तक किसान और पैक्स प्रतिनिधि संगठित होकर अपनी समस्याओं की आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक सरकार उनकी सुध नहीं लेगी। PK ने उन्हें हर स्तर पर एकजुट होकर दबाव बनाने की सलाह दी।
इस बैठक में केंद्रीय सहकारी बैंक भोजपुर के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधियों ने पीके को धान खरीद और पैक्स से जुड़ी कई परेशानियों से अवगत कराया। बैठक में पूर्व आईएएस और जनसुराज नेता एनपी मंडल और सहकारी नेता त्रिवेणी प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने भी प्रतिनिधियों से अपनी समस्याओं को लेकर मजबूती से खड़े होने की अपील की।
PK का बड़ा दांव
जनसुराज की रणनीति साफ है-टिकट पाने का हक उन्हीं को मिलेगा, जिनके पक्ष में जमीनी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग खड़े होंगे। इससे पार्टी उम्मीद कर रही है कि जनता का भरोसा बढ़ेगा और संगठन मजबूत होगा। प्रशांत किशोर का मानना है कि बिहार की राजनीति में बदलाव तभी संभव है, जब लोगों की भागीदारी केवल वोट देने तक सीमित न रहकर, टिकट तय करने तक भी पहुंचे।
बिहार चुनाव 2025 में जनसुराज का यह मास्टर प्लान कितना असरदार साबित होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है-243 सीटों पर कार्यकर्ताओं की राय से उम्मीदवार चुनने की यह पहल जनता के बीच चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि PK का यह "नवाचारी दांव" जनसुराज को चुनावी अखाड़े में कितना मजबूत करता है।












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