Bihar Caste Politics: जनसुराज की 51 उम्मीदवारों की लिस्ट में कितने सवर्ण, OBC, ST/SC? समझें जातीय समीकरण
Bihar Caste Politics (Jan Suraaj Candidate List): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जातीय समीकरण एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपनी पहली उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है और इस लिस्ट साफ है कि पीके (प्रशांत किशोर) ने जातिगत संतुलन को ध्यान में रखकर हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। जनसुराज ने कुल 51 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। पहली सूची में 7 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा की गई है।
जनसुराज ने सबसे अधिक 17 उम्मीदवार अति पिछड़ा वर्ग (EBC) से हैं। जिसमें 16 हिंदू और एक मुस्लिम है। यह बिहार की राजनीति में बेहद अहम वर्ग माना जाता है, जो लगभग हर दल का वोट बैंक रहा है। इसके बाद 11 उम्मीदवार पिछड़े वर्ग (OBC) से हैं। जबकि 7 उम्मीदवार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं। सामान्य वर्ग के 9 और 7 अल्पसंख्यक वर्ग के उम्मीदवार घोषित हुए हैं।

मुस्लिम उम्मीदवारों को मिला प्रतिनिधित्व
जनसुराज की पहली लिस्ट में 9 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों में से 5 मुस्लिम हैं। यह कदम साफ तौर पर पार्टी की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें वह सामाजिक विविधता और समावेशिता का संदेश देना चाहती है। बिहार की राजनीति में लंबे समय से मुस्लिम वोट बैंक निर्णायक रहा है, ऐसे में यह पीके का अहम दांव माना जा रहा है।
बड़े नाम और चर्चित उम्मीदवार
इस लिस्ट में कई चर्चित नाम शामिल हैं। समस्तीपुर की मोरवा सीट से जननायक कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर को टिकट दिया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह को नालंदा के अस्थावां सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। गोपालगंज से प्रीति किन्नर, पटना के कुम्हरार से गणितज्ञ केसी सिन्हा, और सारण की मांझी सीट से पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील वाई बी गिरी को मैदान में उतारा गया है।
पीके की रणनीति - जातीय नहीं, सामाजिक समरसता की राजनीति
प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जनसुराज की शुरुआत से ही यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे केवल जाति आधारित राजनीति नहीं, बल्कि विकास और समरसता पर आधारित राजनीति करना चाहते हैं। हालांकि, इस लिस्ट में जो जातीय संतुलन दिखता है, वह बताता है कि बिहार की सियासत में जाति को नज़रअंदाज़ करना अभी भी संभव नहीं है।
11 अक्टूबर से चुनावी अभियान की शुरुआत
जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में हर दिन नई लिस्ट जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर से पार्टी का चुनावी अभियान शुरू होगा और प्रशांत किशोर खुद राघोपुर से इस अभियान का आगाज़ करेंगे।
जातीय संतुलन के जरिए जनसुराज का संदेश
जनसुराज की यह पहली लिस्ट पीके की उस सोच को दर्शाती है जिसमें वे हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के पक्षधर हैं। जातीय समीकरण साधने के साथ-साथ पार्टी ने सामाजिक विविधता को भी तरजीह दी है। बिहार की राजनीति में जहां जाति का गणित हर चुनाव में जीत-हार का फैसला करता है, वहीं जनसुराज का यह संतुलित दांव चुनावी जमीन पर कितना असर दिखाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।
51 उम्मीदवारों की देखें पूरी लिस्ट















Click it and Unblock the Notifications