नीतीश ने दिया इशारा, अब मिरांडा गर्ल ऐश्वर्या का 10वीं फेल तेजस्वी से होगा मुकाबला

नीतीश ने दिया इशारा, अब मिरांडा गर्ल ऐश्वर्या का 10वीं फेल तेजस्वी से होगा मुकाबला

नीतीश कुमार ने पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर लालू यादव की बहू ऐश्वर्या राय का नाम लिया है। हालांकि नीतीश कुमार ने इसे पारिवारिक मसला बता कर कुछ ज्यादा नहीं कहा, लेकिन जो भी कहा उससे एक नया मुद्दा उछल गया। नीतीश ने कहा, इस मामले में ज्यादा नहीं कहूंगा लेकिन इतनी पढ़ी-लिखी ऐश्वर्या के साथ क्या सलूक किया गया ? चंद्रिका राय और अन्य लोग राजद से आये हैं तो मैं इन लोगों की इज्जत ही करूंगा। जदयू के वरिष्ठ नेता और नीतीश के करीबी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा, राजद के शासन में शिक्षा के विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ। अब जब राजद विपक्ष में है तो नौवीं फेल तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं। नीतीश की बात से एक नया चुनावी मुद्दा उछाल गया है, बिहार का यंग लीडरशिप कैसा हो? ऐश्वर्या की तरह पढ़ा लिखा हो या फिर तेजस्वी की तरह दसवीं फेल ? हाल ही में तेजस्वी के लिए नया नारा गढ़ा गया है- नयी सोच, नया बिहार, युवा सरकार, अबकी बार। नीतीश कुमार ने तेजस्वी के इसी नारे को ध्वस्त करने के लिए ऐश्वर्या का मुद्दा उठाया है।

Recommended Video

    Virtual Rally पर Tejashwi Yadav का निशाना, कहा- Bihar ने Nitish Kumar को नकारा | वनइंडिया हिंदी
    नीतीश ने क्यों कहा, बहुत पढ़ी लिखी हैं ऐश्वर्या

    नीतीश ने क्यों कहा, बहुत पढ़ी लिखी हैं ऐश्वर्या

    पूर्व मंत्री और विधायक चंद्रिका राय के बेटी ऐश्वर्या राय ने दिल्ली के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रैंकिंग फ्रेमवर्क के मुताबिक दिल्ली का मिरांडा हाउस देश का नम्बर एक कॉलेज है। यह कॉलेज लड़कियों के लिए है और यहां पढ़ना किसी भी लड़की का सबसे बड़ा सपना होता है। भारत के टॉप कॉलेज में पढ़ी ऐश्वर्या की शादी लालू यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के साथ हुई जो सिर्फ 12वीं तक पढ़े हैं। तेजप्रताप और ऐश्वर्या के तलाक का मामला बिल्कुल निजी है। लेकिन जब यह घरेलू झगड़ा घर की चहारदिवारी से निकल कर सड़क पर आ गया तो इसपर सियासत के रंग चढ़ने लगे। ऐश्वर्या राय ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती पर मारपीट का आरोप लगाया। घर में खाना नहीं देने का आरोप लगाया। जिस तरह ऐश्वर्या ने हंगामे के बीच राबड़ी देवी का बंगला छोड़ा था, वह मीडिया में छाया रहा था। उस समय गुस्से में जब ऐश्वर्या राय फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती थीं तो सुनने वाले को एहसास होता था कि वे सच में कितनी उच्च शिक्षित हैं। जब ऐश्वर्या के तेजप्रताप या तेजस्वी के खिलाफ चुनाव लड़ने की अटकलें लगने लगीं तो यह मामला पारिवारिक होते हुए भी राजनीतिक बन गया। ऐश्वर्या को न्याय दिलाने के लिए अब उनके विधायक पिता (चंद्रिका राय) नीतीश के साथ हैं। नीतीश ने संकेत दे दिया कि ऐश्वर्या का सवाल 2020 का बड़ा चुनावी मुद्दा होगा।

    क्या ऐश्वर्या भी प्रोजेक्ट होंगी यूथ लीडर के रूप में ?

    क्या ऐश्वर्या भी प्रोजेक्ट होंगी यूथ लीडर के रूप में ?

    क्या ऐश्वर्या राय भी बिहार चुनाव में यूथ आइकॉन बन सकती है ? उनके दादा मुख्यमंत्री रहे हैं, पिता विधायक हैं और पूर्व मंत्री रहे हैं, उनकी मां पूर्णिमा यादव प्रोफेसर हैं। अगर ऐश्वर्या राजनीति में आती हैं तो उनके यंग इटेलेक्चुअल फेस बनने की संभावना है। नीतीश कुमार ने ऐश्वर्या की उच्च शिक्षा की चर्चा कर के तेजस्वी के यूथ लीडरशिप पर सवाल उठा दिया है। ऐश्वर्या अगर चुनाव लड़ती हैं तो उनकी तुलना तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव से जरूर होगी। फिर इस बात पर भी बहस होगी कि तीनों में कौन कितने पढ़े-लिखे हैं। अगर चुनाव के दौरान ऐश्वर्या राय ने अपनी आपबीती सुना दी तो तेजस्वी की राजनीति का क्या होगा ? उनकी युवा सरकार के सपने का क्या होगा ? अभी बिहार में तेजस्वी यादव और चिराग पासवान खुद को यूथ लीडर के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं। सीपीआइ के कन्हैया कुमार भी युवा नेता के रूप में बिहार में सक्रिय हैं। इनके बीच अगर ऐशवर्या राय की इंट्री होती है तो मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा। बिहार की राजनीति में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाली युवा लड़की शायद पहली बार दिखेगी। अंग्रेजी का लोग लाख विरोध कर लें लेकिन यह धाक जमाने वाली भाषा है। गांव-देहात में भी लोग अंग्रेजी बोलने वाले को इज्जत की निगाह से देखते हैं।

    नीतीश कुमार को पसंद हैं उच्च शिक्षित लोग

    नीतीश कुमार को पसंद हैं उच्च शिक्षित लोग

    नीतीश कुमार खुद इंजीनियर हैं। आज भी उनकी पढ़ने-लिखने में दिलचस्पी बरकरार है। वे उच्च शिक्षित लोगों को बहुत तरजीह देते रहे हैं। उनके सबसे विश्वस्त सहयोगी आरसीपी सिंह पूर्व आइएएस अधिकारी हैं। आरसीपी सिंह अभी सांसद हैं और वे जदयू के मुख्य नीति निर्माताओं में एक हैं। पूर्व आइएएस अधिकारी एनके सिंह को भी नीतीश ने राज्यसभा में भेजा था। बिहार के रहने वाले एन के सिंह आइएएस बनने के पहले दिल्ली के स्टीफंस कॉलेज में इकोनॉमिक्स पढ़ाते थे। भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी पवन कुमार वर्मा भी एक समय नीतीश के करीबी नेता हुआ करते थे। नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया था। प्रशांत किशोर को भी नीतीश ने उनकी बौद्धिक प्रतिभा से प्रभावित हो कर ही अपने साथ जोड़ा था। इसी तरह नीतीश ने कानून के प्रकांड ज्ञाता पीके शाही को वकील से नेता बना दिया था। पीके शाही भी एक समय नीतीश के विश्वस्त मंत्री हुआ करते थे। इस फेहरिस्त में और भी कई नाम हैं। अगर नीतीश कुमार ने ऐश्वर्या राय की शैक्षणिक योग्यता की तारीफ की है तो कहीं न कहीं वे उनसे प्रभावित लग रहे हैं। तो क्या बिहार की राजनीति में एक ऐसा यंग और इंटेलेक्चुअल फेस उभरने वाला है जो लीक से हट कर होगा ?

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+