Bihar Chunav: एक हेलीकॉप्टर कितने रुपए में किराए पर मिलता है? किस पार्टी ने कितने उड़नखटोले किए बुक?
Bihar Chunav: जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान को तेज़ कर दिया है। इस बार चुनाव प्रचार का सबसे अहम हथियार बन गए हैं हेलीकॉप्टर। चुनावी आसमान में कुल 20 हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे, जिनमें से ज़्यादातर का इस्तेमाल एनडीए और महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) के नेता करेंगे।
NDA ने बुक किए 15 हेलीकॉप्टर
BJP और JDU के चेहरे वाले NDA ने प्रचार के लिए 15 हेलीकॉप्टर बुक किए हैं। इनमें से 12-13 हेलीकॉप्टर बीजेपी के लिए और 2 जेडीयू के लिए रखे गए हैं। साथ ही, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे सहयोगी दल भी इनका उपयोग करेंगे। एनडीए नेताओं से प्रतिदिन 14-15 हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल की उम्मीद है, जिनमें अधिकतर बीजेपी नेताओं के लिए होंगे।

INDIA ब्लॉक के पास 5 हेलीकॉप्टर
विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने कुल 5 हेलीकॉप्टर बुक किए हैं। इनमें कांग्रेस और आरजेडी ने 2-2 हेलीकॉप्टर अपने नेताओं के लिए आरक्षित किए हैं। विपक्षी दल सीमित संसाधनों के बावजूद हेलीकॉप्टरों का सहारा लेकर अधिक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं।
कितने में बुक होता है एक हेलीकॉप्टर?
हेलीकॉप्टर किराए पर लेना सस्ता सौदा नहीं है। एक सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर का खर्च ₹1-2 लाख प्रति घंटा आता है, जबकि डबल-इंजन हेलीकॉप्टर ₹3-4 लाख प्रति घंटा तक पहुंचता है। चुनावी मौसम में किराया और बढ़ जाता है-सिंगल इंजन के लिए लगभग 25% और डबल इंजन के लिए 100% तक चुकाना पड़ते हैं। बुक करने वाले नेताओं को तीन घंटे का न्यूनतम शुल्क और उस पर 18% GST देना पड़ता है।
पिछली बार से तीन गुना ज़्यादा बुकिंग
पटना एयरपोर्ट स्थित ग्लोबल फ्लाइट सर्विसेज के प्रबंधक देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टरों की संख्या पिछले चुनावों से लगभग तीन गुना अधिक है। 2020 के चुनाव में कोविड-19 महामारी के चलते इनका इस्तेमाल सीमित था, लेकिन अब हेलीकॉप्टर राजनीतिक दलों की पहली पसंद बन गए हैं।
यातायात नहीं भीड़ खींचने का साधन भी
चुनाव प्रचार में हेलीकॉप्टर न केवल यात्रा का साधन हैं बल्कि भीड़ जुटाने का एक आकर्षण भी माने जाते हैं। कई बार जब रैली में भीड़ कम होती है तो नेता पायलट से कुछ समय के लिए हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने का अनुरोध करते हैं ताकि माहौल बनाया जा सके। कुछ मामलों में यह रैली में सेलिब्रिटी को बुलाने जैसा है। जिसके दम पर भीड़ को इकठ्ठा किया जा सके। इसके अलावा ऑरकेस्ट्रा भी भीड़ जुटाने का एक सस्ता साधन है।
नेताओं के डबल स्टैंडर्ड
आरजेडी नेता राजेश यादव ने कहा, "हमारे मुखिया लालू प्रसाद यादव टूटी हुई जीप में प्रचार करते थे। हमें हेलीकॉप्टरों की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन समय की कमी और इलाके कवर करने की जरूरत के चलते इसका इस्तेमाल करना पड़ता है।" वहीं बीजेपी प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा, "हेलीकॉप्टर नेताओं को कम समय में ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचने की सुविधा देते हैं। इससे चुनाव प्रचार अधिक प्रभावी हो जाता है।"
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