Bihar Chunav 2025: बिहार की सियासत में RJD के कितने दागी-करोड़पति? क्या यही है जनता की पसंद?
Bihar Chunav 2025: बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। गांव की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर तरफ सियासी चर्चाएं जोरों पर हैं। सवाल यह है कि इस बार बिहार की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा? राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाला महागठबंधन और NDA के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन इस बीच RJD के उम्मीदवारों की छवि और संपत्ति चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
2020 के चुनावी हलफनामों के आधार पर RJD के कई लीडर्स पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और अधिकांश करोड़पति हैं। आइए जानते हैं, RJD के इन दागी-करोड़पति नेताओं के बारे में और क्या जनता इन्हें ही चुनेगी?...

महागठबंधन और NDA: सियासी रणभूमि
महागठबंधन में RJD, कांग्रेस, CPI, CPI(M), CPI(ML), और कुछ क्षेत्रीय दल शामिल हैं, जिसमें तेजस्वी यादव की अगुवाई में RJD धुरी की भूमिका में है। दूसरी ओर, NDA में बीजेपी, जेडीयू, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM), और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, AIMIM और पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (JAP) कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बना रही हैं।
चुनाव में जनता केवल नारे और वादों से प्रभावित नहीं होती, बल्कि चेहरों का बैकग्राउंड, संपत्ति, और आपराधिक रिकॉर्ड भी उनके फैसले को प्रभावित करते हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक, RJD के 74 विजयी उम्मीदवारों में से 54 (73%) पर आपराधिक मामले दर्ज थे, और 64 (87%) करोड़पति थे। आइए, RJD के कुछ प्रमुख दागी और करोड़पति नेताओं पर नजर डालें...
RJD के प्रमुख दागी-करोड़पति उम्मीदवार (2020 के आधार पर)
1- Ajay Yadav: अजय यादव (RJD विधायक-अतरी विधानसभा, गया)
- आपराधिक मामले: 14 मामले, जिनमें हत्या (IPC 302), हत्या का प्रयास (307), आर्म्स एक्ट, चोरी (379), आपराधिक साजिश (120B), हिंसा (147-149), अपहरण (323-347), और धमकी (506) जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 1.85 करोड़ रुपये
- देनदारियां : 20.68 लाख रुपये
- डिटेल : आतरी से RJD विधायक अजय यादव की आपराधिक छवि क्षेत्र में चर्चित है, फिर भी वे मतदाताओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं।
2. Anirudh Kumar: अनिरुद्ध कुमार (RJD विधायक- बख्तियारपुर, पटना)
- आपराधिक मामले: 11 मामले, जिनमें चुनावी भ्रष्टाचार (IPC 171H), धोखाधड़ी, और जालसाजी जैसे आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 2.55 करोड़ रुपये
- देनदारियां : 12.03 लाख रुपये
- डिटेल : अनिरुद्ध के खिलाफ हर साल नए मामले जुड़ रहे हैं, जो उनकी बाहुबली छवि को दर्शाते हैं।
3. Surendra Prasad Yadav: सुरेंद्र प्रसाद यादव (जहानाबाद सांसद, पूर्व विधायक बेलागंज)
- आपराधिक मामले: 9 मामले, जिनमें 6 गंभीर धाराएं जैसे हत्या (302), हत्या का प्रयास (307), आपराधिक साजिश (120B), और पोक्सो एक्ट से जुड़े आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 13.87 करोड़ रुपये
- देनदारियां : कोई नहीं
- डिटेल : जहानाबाद में RJD का मजबूत चेहरा, लेकिन गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड उनकी छवि पर सवाल उठाता है।
4. Rambriksh Sada: रमवृक्ष सदा (RJD विधायक-अलौली विधानसभा-SC, खगड़िया)
- आपराधिक मामले: 5 मामले, जिनमें हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, और दंगा भड़काने जैसे आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 70,000 रुपये
- देनदारियां : कोई नहीं
- डिटेल : सदा अपेक्षाकृत कम संपत्ति के बावजूद क्षेत्र में प्रभावशाली हैं।
5. Kedar Nath Singh: केदरनाथ सिंह (RJD विधायक-बनियापुर, सारण)
- आपराधिक मामले: 5 मामले, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, हथियार से हमला, धोखाधड़ी, और दस्तावेजों में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 2.58 करोड़ रुपये
- देनदारियां : 2.66 लाख रुपये
- डिटेल : सभी मामले लंबित हैं, और कोर्ट में सुनवाई जारी है।
6. Sanjay Kumar Gupta: संजय कुमार गुप्ता (RJD विधायक- बिल्संड, सीतामढ़ी)
- आपराधिक मामले: 5 मामले, जिनमें चोरी (379), दंगा (147-149), आर्म्स एक्ट, और महामारी नियम उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 5.72 करोड़ रुपये
- देनदारियां : 42.73 लाख रुपये
- डिटेल : गुप्ता की बाहुबली छवि और संपत्ति क्षेत्र में उनकी ताकत को दर्शाती है।
7. Prem Shankar Prasad: प्रेम शंकर पासवान (RJD विधायक-बीकनठपुर-SC, गोपालगंज)
- आपराधिक मामले: 4 मामले, जिनमें दंगा, अवैध सभा, धमकी (506), और सरकारी अधिकारी पर हमला (353) जैसे आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 13.86 लाख रुपये
- देनदारियां : 2,000 रुपये
- डिटेल : कम संपत्ति के बावजूद पासवान का स्थानीय प्रभाव बना हुआ है।
8. Bharat Bind: भरत बिंद (RJD विधायक-भभुआ, कैमूर)
- आपराधिक मामले: 4 मामले, जिनमें चोरी, दंगा, और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
- संपत्ति: 11.17 लाख रुपये
- देनदारियां : कोई नहीं
- डिटेल : बिंद की क्षेत्रीय पकड़ उनकी आपराधिक छवि के बावजूद मजबूत है।
9. Mukesh Kumar Yadav: मुकेश कुमार यादव (RJD विधायक-बाजपट्टी, सीतामढ़ी)
- आपराधिक मामले: 2 मामले, जिनमें 10 धाराएं जैसे चोरी (379), दंगा (147-149), और धमकी (504) शामिल हैं।
- संपत्ति: 2.34 करोड़ रुपये
- देनदारियां : 1.63 लाख रुपये
- डिटेल : यादव वोट बैंक में उनकी पकड़ RJD के लिए महत्वपूर्ण है।
RJD Strategy in 2025 Election: 2025 में RJD की रणनीति
RJD ने 2025 के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। तेजस्वी यादव ने यादव-मुस्लिम (MY) समीकरण के साथ-साथ अति पिछड़ा वर्ग (EBC), दलित, और महिलाओं को लुभाने के लिए MY-BAAP (मुस्लिम, यादव, बहुजन, अगड़ा, आधी आबादी, और गरीब) फॉर्मूला अपनाया है। हाल ही में बाहुबली नेता कौशल यादव और उनकी पत्नी पूर्णिमा यादव की RJD में वापसी ने नवादा में पार्टी की स्थिति को मजबूत किया है। इसके अलावा, पशुपति कुमार पारस जैसे नेताओं को शामिल कर RJD पासवान वोट बैंक को भी साधने की कोशिश कर रही है।
क्या कहता है जनता का मूड?
2020 के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार विधानसभा में 81% विजयी विधायक करोड़पति थे, और 67% पर आपराधिक मामले दर्ज थे। RJD के कई उम्मीदवारों की बाहुबली छवि और संपत्ति के बावजूद, वे मतदाताओं के बीच लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना है, 'RJD के दागी नेता क्षेत्र में प्रभावशाली हैं, और यही उनकी जीत का कारण है।' वहीं, कुछ का मानना है, 'जनता को साफ छवि वाले नेता चाहिए, लेकिन सियासत में पैसे और ताकत का बोलबाला है।' अब देखना यह होगा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता की कुर्सी पर किसे जगह मिलती है।
Bihar Chunav 2025 InkInsight Opinion poll: जातिगत समीकरणों का पूरा विश्लेषण...
| जातीय समूह | NDA को समर्थन | महागठबंधन को समर्थन |
|---|---|---|
| यादव | 32.5% | 56.9% |
| मुस्लिम | 25% से कम | 68.1% |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 40% से कम | 53.2% |
| कुर्मी (CM नीतीश की जाति) | 85.1% | बहुत कम |
| कोइरी/कुशवाहा | 66.2% | 30% से कम |
| दुसाध/पासी | 59.2% | 35% के आसपास |
| अन्य गैर-यादव OBC/EBCC | 57.3% | 30% से कम |
| अन्य SC समूह | 52.6% | 35% से कम |
क्या यही है जनता की पसंद?
RJD के दागी और करोड़पति उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त सवाल उठाती है कि क्या बिहार की जनता ऐसी छवि वाले नेताओं को ही पसंद करती है? विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में जातीय समीकरण, स्थानीय प्रभाव, और सामाजिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न को तय करते हैं। तेजस्वी यादव की युवा अपील और MY-BAAP रणनीति RJD को मजबूती दे सकती है, लेकिन आपराधिक छवि और संपत्ति की चकाचौंध जनता के बीच कितनी स्वीकार्य होगी, यह 2025 के नतीजे बताएंगे। बिहार की जनता के सामने अब सवाल है-क्या वे ताकत और पैसे की सियासत को चुनेंगे, या बदलाव की उम्मीद में नए चेहरों को मौका देंगे?
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