'मैंने मोदी से आंख से आंख मिलाकर कहा था,जाति जनगणना होगी', राहुल ने बिहार में हाईजैक किया BJP का चुनावी मुद्दा
Rahul Gandhi In Bihar (Rajgir): कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज शुक्रवार 06 जून को बिहार के दौरे पर हैं। राहुल गांधी आज राजगीर पहुंचे, जहां उन्होंने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अति पिछड़ा समाज को संबोधित किया। अपने 30 मिनट के संबोधन में राहुल गांधी का पूरा फोकस भाजपा के चुनावी मुद्दे 'जाति जनगणना' को हाईजैक करने पर रहा। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सामने सरेंडर कर दिया है और जाति जनगणना की मांग को माना है।
राहुल गांधी ने कहा, ''नरेंद्र मोदी हर भाषण में कहते थे-मैं OBC हूं, फिर जातिगत जनगणना पर कहते हैं कि हिंदुस्तान में तो जाति ही नहीं है, अगर हिंदुस्तान में जाति नहीं है, तो नरेंद्र मोदी कैसे OBC हो गए। मेरा लक्ष्य है- जातिगत जनगणना, मैंने लोकसभा में नरेंद्र मोदी के सामने आंख से आंख मिलाकर कहा था-जातिगत जनगणना होगी और आपको तो पता है, उनको सरेंडर करने की आदत है।''

नरेंद्र मोदी हर भाषण में कहते थे- मैं OBC हूं
— Bihar Congress (@INCBihar) June 6, 2025
फिर जातिगत जनगणना पर कहते हैं कि हिंदुस्तान में तो जाति ही नहीं है, अगर हिंदुस्तान में जाति नहीं है, तो नरेंद्र मोदी कैसे OBC हो गए।
मेरा लक्ष्य है- जातिगत जनगणना
मैंने लोकसभा में नरेंद्र मोदी के सामने आंख से आंख मिलाकर कहा था -… pic.twitter.com/T4uD6QjCqE
राहुल गांधी ने कहा- जातिगत जनगणना के दो मॉडल हैं, एक BJP का दूसरा तेलंगाना का
राहुल गांधी ने कहा, ''मोदी सरकार कभी भी असली जातिगत जनगणना नहीं करवाएगी, क्योंकि जिस दिन इन्होंने असली जातिगत जनगणना कर ली, उस दिन इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।''
राहुल गांधी ने कहा,
''जातिगत जनगणना के दो मॉडल हैं, एक BJP वाला मॉडल और दूसरा तेलंगाना का मॉडल...।' BJP के मॉडल में बंद कमरे में अफसरों ने सवाल तय किए, जिनमें 90% का कोई नहीं था। जातिगत जनगणना में सबसे जरूरी ये है कि कौन से सवाल पूछे जा रहे हैं। वहीं, हमने तेलंगाना में जनता से खुले तौर पर सवाल पूछे। हमने दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और उनके एसोसिएशन से कहा कि हम जातिगत जनगणना करवाने जा रहे हैं- आप कैसे सवाल चाहते हैं? हमें हर वर्ग के लोगों ने अलग तरह के सवाल दिए। करीब 3 लाख लोगों ने खुली बैठकों में जातिगत जनगणना के सवाल तैयार किए हैं।''
मोदी सरकार कभी भी असली जातिगत जनगणना नहीं करवाएगी, क्योंकि जिस दिन इन्होंने असली जातिगत जनगणना कर ली, उस दिन इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।
— Bihar Congress (@INCBihar) June 6, 2025
जातिगत जनगणना के दो मॉडल हैं-
• एक BJP वाला मॉडल
• दूसरा तेलंगाना का मॉडल
BJP के मॉडल में बंद कमरे में अफसरों ने सवाल तय किए, जिनमें 90%… pic.twitter.com/MBIHdPeUip
बिहार चुनाव 2025 से पहले राहुल गांधी का फोकस जाति जनगणना पर क्यों है?
🔴 ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति
राहुल गांधी जाति जनगणना के जरिए OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय को सीधा मैसेज देना चाहते हैं कि कांग्रेस उनकी संख्या के अनुपात में अधिकार की वकालत कर रही है।
🔴 खुद को मजबूत करने की कोशिश
बिहार में RJD और JDU पहले से ही जातिगत राजनीति के आधार पर मजबूत हैं। अब मोदी सरकार ने भी जाति जनगणना कराने का फैसला ले लिया है, ऐसे में कांग्रेस जाति जनगणना का समर्थन कर यह दिखाना चाहती है कि वह भी सामाजिक न्याय के एजेंडे में शामिल है।
कर्नाटक में कांग्रेस ने OBC कार्ड खेला और भारी बहुमत से सत्ता में आई। बिहार में इसी फॉर्मूले को दोहराने की कोशिश है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जाति जनगणना का मुद्दा कांग्रेस को ग्रामीण और पिछड़े वर्गों से जोड़ने का जरिया बन सकता है।
🔴 संविधान और सामाजिक न्याय की बात कर नैतिक आधार मजबूत करना
राहुल गांधी जाति आधारित गणना को संविधान और सामाजिक बराबरी की लड़ाई बता रहे हैं, जिससे उन्हें "जनहित" की राजनीति करने वाले नेता के रूप में प्रोजेक्ट करने में मदद मिल सकती है। राहुल गांधी जाति जनगणना का समर्थन कर अब यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं...विपक्ष की मांग पर ही सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है।












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