Bihar Chunav 2025: 'कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती',Owaisi पर Giriraj गर्म, कर दी विधानसभा चुनाव की भविष्यवाणी
Bihar Chunav 2025, Giriraj On Owaisi: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की गर्माहट अब खुलकर दिखने लगी है। राज्य के सीमांचल इलाके से लेकर पटना तक राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इसी बीच एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की चार दिन की सीमांचल यात्रा पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने तीखा पलटवार किया है।
ओवैसी के दौरे पर गिरिराज सिंह का निशाना
असदुद्दीन ओवैसी इन दिनों किशनगंज से अपनी सीमांचल यात्रा की शुरुआत कर चुके हैं। उन्होंने बयान दिया था कि "इस बार किसी भी कीमत पर बीजेपी को बिहार में जीतने नहीं देंगे।"

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, "ओवैसी चाहे जितना मुसलमान-मुसलमान चिल्ला लें, इस बार उन्हें कोई वोट नहीं देगा। उनका वोट बैंक पहले ही तेजस्वी यादव ले चुके हैं। जो भी उम्मीदवार खड़ा करेंगे, राजद सभी की जमानत जब्त कर देगी।"
गिरिराज सिंह ने आगे कहा, "कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती। ओवैसी यह कान खोलकर सुन लें, भाजपा की ही सरकार बनेगी, डंके की चोट पर बनेगी। चाहे ओवैसी हों या नेपोकिड (नाम उन्होंने खुद रखा है), कोई भी भाजपा की जीत को रोक नहीं सकता।"
कांग्रेस और महागठबंधन पर भी हमला
केंद्रीय मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस और महागठबंधन पर भी जमकर प्रहार किया। कांग्रेस की हालिया कार्यसमिति की बैठक और 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र' को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास बिहार के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है।
गिरिराज सिंह ने कहा, "पहले नेपोकिड का जवाब दें। इनका विज़न डॉक्यूमेंट भारत विरोध और बिहार को गाली देना है। रेवंत रेड्डी को बिहार बुलाकर यहां के लोगों को चिढ़ाने का काम किया गया। इनका विज़न डॉक्यूमेंट स्टालिन को लाना है, जिनकी मंत्रिपरिषद हिंदुओं और बिहारियों को गाली देती है। नेपोकिड का विज़न प्रधानमंत्री का अपमान करना है।"
महागठबंधन का 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प'
उधर, महागठबंधन ने हाल ही में पटना में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में अति पिछड़ा वर्ग को साधने के लिए 10 संकल्पों वाला 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र' जारी किया। इस कार्यक्रम में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। महागठबंधन ने वादा किया कि सत्ता में आने पर ये 10 संकल्प पूरी तरह लागू किए जाएंगे।
सीमांचल में ओवैसी की रणनीति
बिहार के सीमांचल क्षेत्र-किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया-में मुस्लिम वोटरों की बड़ी आबादी है। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने 2020 के विधानसभा चुनाव में यहीं से अपनी ताकत दिखाई थी और पांच सीटें जीती थीं। हालांकि बाद में चार विधायक राजद में शामिल हो गए। 2025 में ओवैसी फिर से इसी इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गिरिराज सिंह के बयान से साफ है कि भाजपा इसे महागठबंधन और एआईएमआईएम दोनों के खिलाफ चुनावी हथियार बनाएगी।
बिहार की राजनीति में नया समीकरण
बिहार में इस बार का चुनावी मौसम बेहद गर्म है। सीमांचल का मुस्लिम बहुल इलाका जहां ओवैसी के लिए सियासी आधार है, वहीं भाजपा और एनडीए वहां अपनी पैठ मजबूत करने की कवायद में हैं। गिरिराज सिंह का बयान स्पष्ट संकेत देता है कि आने वाले दिनों में सियासी हमले और तीखे होंगे।
ओवैसी की चार दिवसीय यात्रा और महागठबंधन की अति पिछड़ा न्याय रैली से बिहार की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है, लेकिन भाजपा का दावा है कि 2025 में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी।












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