Love Story: बिहार की इस खूबसूरत दलित नेता को हुई सवर्ण से तगड़ी मोहब्बत, भूमिहारी शादी में CM नीतीश का तड़का?
Love Story: राजनेताओं की प्रेमकहानी की इस कड़ी में आज बात उस नेता कि जिसे कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान पीएम मोदी ने 'सबसे युवा राजग उम्मीदवार' कहकर संबोधित किया था। जी हां, आपने सही समझा यहां हम बात कर रहे हैं बिहार के समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी की, जिन्होंने हाल ही में घोषणा की थी कि 'वह अपने समस्तीपुर निर्वाचन क्षेत्र में लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए अपने 5 साल के कार्यकाल का वेतन दान करेंगी।'
बहुत कम समय में लोकप्रियता हासिल करने वाली शांभवी चौधरी बिहार के सीएम नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी की बेटी हैं और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुणाल किशोर की बहू हैं। उनके पति का नाम सायन कुणाल है, शांभवी- सायन की शादी पूरे बिहार में चर्चा का विषय थी, वजह थी 'जाति'।

दरअसल बिहार में आज भी 'जाति' बहुत मायने रखती है और इससे राजनीति भी अलग नहीं है इसलिए जब ये खबर सामने आई कि अशोक चौधरी और कुणाल किशोर समधी बनने वाले हैं तो काफी शोर मच गया। दरअसल अशोक चौधरी पासी (दलित) समाज से ताल्लुक रखते हैं तो वहीं दूसरी ओर किशोर कुणाल भूमिहार (सवर्ण) समाज का प्रतिनिधित्व रखते हैं।
'दलित की बेटी, भूमियार की बहू' (Love Story)
इसलिए शांभवी चौधरी और सायन की शादी न्यूज रूम से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी और लोकसभा चुनाव के दौरान इस बारे में खूब बातें भी हुई थीं, हालांकि शांभवी और सायन का रिश्ता राजनीति से बहुत ऊपर है क्योंकि इन दोनों ने प्रेम विवाह किया है, जिसे कि उनके घरवालों ने हरी झंडी दी थी।
यूथपार्लियामेंट में हुई थी सायन से पहली मुलाकात: शांभवी चौधरी
'बिहारतक' से बात करते हुए शांभवी चौधरी ने खुद अपनी लवस्टोरी के बारे में बताया था, उन्होंने कहा था कि 'उनकी और सायन की पहली मुलाकात यूथपार्लियामेंट में हुई थी, तब उन्होंने ये नहीं सोचा था कि ये पहली मुलाकात ही जीवनभर का साथ बन जाएगी।'
'बहुत ही अच्छा जीवन साथी मिला' (Love Story)
उन्होंने अपनी शादी के दिन को अपनी लाइफ का सबसे खूबसूरत दिन बताया था और कहा था कि 'ये एक बहुत बड़ी बात होती है कि आप जिसे चाहो वो ही आपका जीवन साथी बने, मैं उन खुशकिस्मत लोगों में से हूं जिन्हें बहुत ही अच्छा जीवन साथी मिला, जो उनका दोस्त भी है।'
उन्होंने कहा था कि 'हमने जाति देखकर प्रेम नहीं किया, बस विचार मिले और लगा कि हम जिंदगी साथ बिता सकते हैं, हालांकि मन में कहीं ना कहीं था कि शायद घरवाले तैयार ना हो लेकिन मैं यहां भी खुद को लकी मानूंगी कि दोनों के परिवारवालों ने हमें दिल से अपनाया, किसी को भी इस शादी से कोई दिक्कत नहीं है।'
सीएम नीतीश कुमार ने दिया था आशीर्वाद
आपको बता दें कि शांभवी ने 2022 में आचार्य किशोर कुणाल के बेटे सायन कुणाल से शादी की थी, जिसमें आशीर्वाद देने खुद सीएम नीतीश कुमार पहुंचे थे।

'दलितों के भले के लिए अच्छी सोच होनी चाहिए'
एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि 'लोगों को अब संदेह है कि अब आप सवर्ण परिवार का हिस्सा हैं तो दलित वर्ग के लिए काम नहीं कर पाएंगी।' तो इस पर शांभवी ने कहा था कि 'दलितों के भले के लिए राजनीति नहीं सोच की जरूरत है, जो लोग उन्हें लेकर राजनीति करते हैं, हम उनमें से नहीं है। इस तरह की सोच रखने वालों को तो मेरे ससुर से सिखना चाहिए जिन्होंने जितना दलित समाज के उत्थान के लिए काम किया है, उतना शायद ही किसी ने किया होगा, मुझे खुशी होगी कि मैं उनके इतना थोड़ा भी काम कर सकूं।'

'पति सायन कुणाल के बिना कुछ भी संभव नहीं था'
लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाली शांभवी ने अपनी सफलता का सेहरा अपने पति सायन कुणाल (Saayan Kunal) कि सिर बांधा था। उन्होंने कहा था कि .'ये जीत उनके पति के सपोर्ट के बिना संभव नहीं थी।' सायन कुणाल और शांभवी दोनों 'मेड फॉर इच अदर' कहलाते हैं।
सायन कुणाल कौन हैं?
- 18 अगस्त 1996 को जन्मे सायन कुणाल एक उद्यमी, समाजसेवी और लेखक हैं।
- सायन कुणाल बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं।
- सायन कुणाल पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुनाल के बेटे हैं।
- उन्होंने बीबीए, एलएलबी (एच), किया है।
- वो हाल ही में धार्मिक न्यास परिषद का सदस्य मनोनीत किए गए हैं।
खास बात ये है कि शांभवी चौधरी की मां सवर्ण हैं। अशोक चौधरी ने भी नीता चौधरी सवर्ण (कायस्थ) से प्रेम विवाह किया था।












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