Bihar Caste Survey Report: 2011 की जनगणना से कैसे अलग है बिहार की जातीय जनगणना, क्यों विपक्ष उठा रहा है सवाल?
Bihar Caste Survey Report: बिहार में गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के मौके पर जाति आधारित गणना के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने जातीय गणना आधारित सर्वे की रिपोर्ट सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी की।
बिहार की नीतीश कुमार सरकार की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक राज्य में 36 फीसदी अत्यंत पिछड़ा, 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग, 19 फीसदी से थोड़ा ज्यादा अनुसूचित जाति और 1.68 फीसदी अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या बताई गई है।

वहीं अब जाति आधारित सर्वे के आंकड़े को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। लालू यादव की पार्टी आरजेडी और नीतीश कुमार का दल जदयू जैसे दल जहां इसका क्रेडिट लेने की होड़ में लग गए हैं, वहीं भाजपा और अन्य विरोधी दल इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।
इस बीच जानिए आखिर 2023 की जाति आधारित गणना कैसे 2011 की जनगणना से अलग है।
रिपोर्ट के मुताबिक जाति आधारित गणना में बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है। इसमें 2 करोड़ 83 लाख 44 हजार 160 परिवार हैं। ऐसे में जानिए मौजूदा धर्म के आधार पर आंकड़े
- हिन्दू - 81.99% (107192958)
- इस्लाम- 17.70% (23149925)
- ईसाई- 0.05% (75238)
- सिख- 0.011% (14753)
- बौद्ध- 0.0851% (111201)
- जैन- 0.0096% (12523)
- अन्य धर्म- 0.1274% (166566)
जाति के आधार पर जानिए प्रतिशत
बिहार में सवर्णों की तादाद 15.52 फीसद, यादव समुदाय की आबादी 14 फीसद, ब्राह्मण समुदाय की आबादी 3.66 फीसदी, राजपूत समुदाय की आबादी 3.45 प्रतिशत, मुसहर समुदाय की आबादी 3 फीसदी, कुर्मी समुदाय की आबादी 2.87 फीसद और भूमिहार समुदाय की आबादी 2.86 फीसदी है।
2011 की जनगणना पर एक नजर
वहीं 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर गौर करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की जनसंख्या 10.38 करोड़ थी, जिसमें से हिंदू आबादी 8 करोड़ 60 लाख 78 हजार 686 थी। वहीं मुस्लिम आबादी 1 करोड़ 75 लाख 57 हजार 809 थी।यानी 82.69% आबादी हिंदू और 16.87% आबादी मुस्लिम समुदाय की थी। हिंदू आबादी में 17 फीसदी सवर्ण, 51 फीसदी ओबीसी, 15.7 प्रतिशत अनुसूचित जाति और करीब 1 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति है।
नीतीश कुमार ने बुलाई नौ दलों की बैठक
इधर, जातीय आंकड़े जारी होने के बाद नीतीश कुमार ने पहला कदम उठा लिया है। मंगलवार को दोपहर 3.30 बजे राज्य विधानसभा में नौ राजनीतिक दलों के नेताओं के सामने जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की जाएगी। साथ ही इस रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
भाजपा ने उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट लोगों में भ्रम फैला रही है। नीतीश-लालू को अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए. ये बताएं कि कितने लोगों को नौकरी दी। लोगों को नौकरी देने का रिपोर्ट कार्ड जारी होना चाहिए।












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