बोधगया में मोदी की रैली के दौरान सीरियल ब्लास्ट करने वाले नाबालिग को सजा
बोधगया मंदिर में 13 बम प्लांट किए गए थे जिसमें से 3 जिंदा बम बरामद हुए थे और 10 बम ब्लास्ट हो गए थे। इस घटना में भी दर्जनों लोग घायल हुए थे और अधिकतर घायल विदेशी बौद्ध भिक्षुक थे।
पटना। राजधानी पटना के गांधी मैदान और बोधगया के मंदिर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में नाबालिग आरोपी को 3 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। घटना को अंजाम देने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही थी और इस जांच में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों ने बताया कि 27 अक्टूबर 2013 को जब पटना के गांधी मैदान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे तभी सीरियल बम ब्लास्ट हुए जिसमें 6 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तो सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। वहीं इन आरोपियों के द्वारा बोधगया मंदिर में भी 7 जुलाई 2013 को बम ब्लास्ट किया गया था।

नाबालिग निकला था गुनहगार
जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बोधगया मंदिर में 13 बम प्लांट किए गए थे जिसमें से 3 जिंदा बम बरामद हुए थे और 10 बम ब्लास्ट हो गए थे। इस घटना में भी दर्जनों लोग घायल हुए थे और अधिकतर घायल विदेशी बौद्ध भिक्षुक थे। जानकारी के मुताबिक इन दोनों बम ब्लास्ट मामले में सुनवाई करते हुए जुवेनाइल कोर्ट ने नाबालिग आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। जिस वक्त घटना को अंजाम दिया गया था तभी आरोपी 15 साल का था। झारखंड के रांची का रहने वाला आरोपी दोनों बम ब्लास्ट मामले में संलिप्त था इसलिए दोनों मामले में उसे 3-3 साल की सजा सुनाई गई है।

बम ब्लास्ट की वो घटना जिससे दहल गया था बिहार...
बता दें कि 27 अक्टूबर 2013 को राजधानी पटना में जब उस वक्त के भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे तभी एक पर एक कई बम ब्लास्ट हुए। जिसमें सैकड़ों लोग घायल हो गए तो 6 लोगों की मौत हो गई थी। बम विस्फोट के बाद का नजारा देखने के बाद पूरा बिहार दहल उठा था और इस मामले में गांधी मैदान थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने 1 नवंबर 2013 को दिल्ली स्थित एनआईए थाने में केस दर्ज किया और जांच पड़ताल शुरू की थी। तो दूसरी तरफ 7 जुलाई 2013 की सुबह बोधगया मंदिर में सीरियल बम ब्लास्ट की घटना को अंजाम दिया गया।

बीजेपी की चल रही थी 'हंकार रैली'
दोनों बम ब्लास्ट के मामले की जांच-पड़ताल कर रही एनआईए की टीम को ये पता चला कि पटना और बोध गया ब्लास्ट में प्रयोग किए गए विस्फोटक एक थे और इस मामले में एक नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया गया, जिसने ये स्वीकार किया की दोनों जगह बम ब्लास्ट में उसका हाथ था। इस मामले में भी पहले केस बोधगया थाने में दर्ज किया गया, जिसके बाद एनआईए ने दिल्ली में केस किया था।












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