बिहार सरकार में मंत्री बने मंगल पांडेय कौन हैं? कितनी संपत्ति के हैं मालिक, दिलचस्प है राजनीतिक सफर
मंगल पांडेय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक ऐसे अनुभवी और कद्दावर नेता हैं, जिनकी पहचान केवल बिहार तक सीमित नहीं है। वह छात्र राजनीति से निकले, संगठन की हर सीढ़ी पर काम किया, और बिहार बीजेपी को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। आज (गुरुवार) जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, तो मंगल पांडेय भी एनडीए की नई सरकार में मंत्री बन गए हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीवान सीट पर उनकी बंपर जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह वर्तमान बिहार की राजनीति के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं।

सीवान सीट पर मंगल पाडेय की बड़ी जीत
उन्होंने हाल ही में हुए चुनाव में सीवान सीट से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अवध बिहारी चौधरी को 9370 वोटों से हराया। यह जीत उनकी लोकप्रियता और संगठन पर मजबूत पकड़ को दर्शाती है।
मंत्री पद की ली शपथ
बिहार में आज एनडीए की नई सरकार का गठन हो गया है। बीजेपी कोटे से शपथ लेने वाले मंत्रियों में मंगल पांडेय का नाम भी शामिल है, जो यह दर्शाता है कि संगठन और सरकार दोनों में उनका कद कितना ऊंचा है।
मंगल पांडेय की कुल संपत्ति कितनी?
मंगल पांडेय के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास कुल ₹2.34 करोड़ की संपत्ति है। इसमें ₹1.47 करोड़ की चल संपत्ति और ₹87 लाख की अचल संपत्ति शामिल है। उनकी सालाना आय 2024-25 के लिए ₹18,92,836 दर्ज की गई है।
मंगल पांडेय से जुड़ी मुख्य जानकारी
- नाम: मंगल पांडेय
- जन्म तिथि: 9 अगस्त 1972
- जन्म स्थान: सीवान, बिहार
- राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- शैक्षिक योग्यता: बी.ए. (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस, पटना विश्वविद्यालय (1994)
प्रमुख पूर्व पद:
- स्वास्थ्य मंत्री, बिहार
- बिहार बीजेपी अध्यक्ष (2013-2017)
- हिमाचल प्रदेश बीजेपी प्रभारी
- बिहार विधान परिषद सदस्य
- भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष (बिहार)
संगठन और आंदोलन
मंगल पांडेय ने राजनीतिक सीढ़ियां संगठन के काम से चढ़ी हैं, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
- छात्र जीवन से शुरुआत: 1987 में, वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े और 1989 में बीजेपी के प्राथमिक सदस्य बन गए।
- भाजयुमो और संघर्ष: 2000 में, उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान उन्होंने लालू यादव सरकार के खिलाफ "जवाब दो हिसब दो" अभियान चलाकर राज्यव्यापी लोकप्रियता हासिल की।
- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष (2013-2017): 18 जनवरी 2013 को उन्हें बिहार बीजेपी की कमान सौंपी गई।
मंगल पांडेय के नेतृत्व में पार्टी की ऐतिहासिक सफलताएं
- 2013 में पटना में "हुंकार रैली" का सफल और विशाल आयोजन।
- 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए ने 40 में से 31 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
मंत्री और विधायक
मंगल पांडेय बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं (7 मई 2012 से)। वह पिछली एनडीए सरकारों में भी एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हालिया चुनाव में सीवान से जीत ने विधानसभा में भी उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित की है।
अंतरराज्यीय राजनीति
संगठन पर मजबूत पकड़ के कारण, पार्टी ने उन्हें हिमाचल प्रदेश बीजेपी के प्रभारी जैसी बड़ी जिम्मेदारी भी दी थी। उन्होंने प्रवासी बिहारियों को राजनीतिक समर्थन के लिए जोड़ने हेतु "प्रवासी बिहारी प्रकोष्ठ" का भी गठन किया था।
मंगल पांडेय का पारिवारिक जीवन
मंगल पांडेय का जन्म 9 अगस्त 1972 को बिहार के सीवान जिले के महाराजगंज के भिरगु बलिया गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम अवधेश पांडे और माता का नाम प्रेमलता पांडे है। उन्होंने 19 अप्रैल 1998 को उर्मिला से शादी की और उनका एक बेटा है जिसका नाम हर्ष कुमार पांडे है।
मंगल पांडेय की एजुकेशन
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सीवान के स्कूलों से पूरी की और बाद में पटना विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की।












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