Bihar Bandh: महिलाएं कर रही हैं आज बिहार बंद की अगुवाई, क्यों NDA ने 'महिला मोर्चा' को दी ये खास जिम्मेदारी?
Bihar Bandh: बिहार में आज (4 सितंबर) पूरे राज्य में 'बिहार बंद' और 'चक्का जाम' का असर सुबह से ही दिखने लगा है। यह बंद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अगुवाई वाली भाजपा ने बुलाया है और खास बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई BJP महिला मोर्चा यानी पार्टी की महिला शाखा कर रही हैं। पटना से लेकर गया जी तक सड़कों पर महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। NDA ने इस बार बिहार बंद की अगुवाई की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों में सौंपी है।
भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल के मुताबिक, बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानी 5 घंटे चलेगा। लेकिन सवाल यह उठता है-महिलाएं क्यों अगुवाई करेंगी? और यह बंद क्यों बुलाया गया है? बीजेपी विधायक संजय मयूख ने कहा कि बिहार की माताएं और बहनें एनडीए के बुलाए गए बंद में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी की दिवंगत मां को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से कोई भी भाग नहीं सकता। मयूख ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बिहार की जनता इसका करारा जवाब देगी।
🔴 बिहार बंद क्यों बुलाया गया?
बिहार बंद का कारण है, कांग्रेस और RJD के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल होना। यह घटना पिछले हफ्ते दरभंगा में आयोजित वोट अधिकार यात्रा के दौरान हुई थी। जिसकी अगुवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव कर रहे थे।
वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने PM मोदी और उनकी मां के खिलाफ अभद्र शब्द कहे, जिससे NDA नेताओं में गुस्सा भड़क गया।
जदयू नेता उमेश कुशवाहा ने कहा, "विपक्ष के रैली में प्रधानमंत्री और उनकी माताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग हुआ। यह न सिर्फ गलत है, बल्कि नैतिक और राजनीतिक रूप से भी अस्वीकार्य है।" उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के नेताओं ने अभी तक माफी नहीं मांगी, और इससे उनकी घमंड और असंवेदनशीलता दिखती है।
🔴महिलाएं क्यों करेंगी विरोध की अगुवाई? 3 स्टेप में समझिए
BJP ने इस बार महिलाओं को नेतृत्व का जिम्मा दिया है, और इसके पीछे कई कारण हैं
- संरक्षण और सम्मान का संदेश: विपक्ष द्वारा महिलाओं और माताओं के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल की गई, इसलिए महिला मोर्चा इसे प्रतीकात्मक रूप में विरोध के लिए उठा रही है।
- सामाजिक मुद्दों पर ध्यान: बंद और चक्का जाम के दौरान महिलाएं महंगाई, सुरक्षा, सामाजिक न्याय और ग्रामीण-शहरी आजीविका जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता देंगी।
- सशक्त महिला नेतृत्व का संदेश: सड़क पर महिलाओं की उपस्थिति यह दिखाती है कि राजनीति में महिलाएं अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
🔴 बिहार बंद के दौरान क्या-क्या खुलेगा और बंद रहेगा?
🔹 खुला रहेगा
आपातकालीन सेवाएं (अस्पताल, एम्बुलेंस), रेलवे संचालन
🔹 बंद रहेगा / बाधित होगा
स्कूल और कॉलेज, सरकारी और निजी कार्यालय, सड़क परिवहन और बस-ट्रक सेवा, सड़क पर महिलाओं की अगुवाई में चक्का जाम भी लगेगा, जो राज्य के प्रमुख शहरों और हाइवे पर होगा।
🔴पीएम मोदी का विपक्ष पर तगड़ा हमला: 'नामदार' नेताओं को समझ नहीं आए गरीबों के दर्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (02 सितंबर) को जवाब देते हुए सीधे नाम लिए बिना कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD के तेजस्वी यादव पर अप्रत्यक्ष हमला किया।
पीएम मोदी ने उन्हें "नामदार" कहा, यानी ऐसे लोग जो चांदी के चम्मच के साथ जन्मे हैं और आम गरीब लोगों की परेशानियों को समझ ही नहीं सकते। उनका कहना था कि इन "नामदार" लोगों के लिए सत्ता और शक्ति उनकी पारिवारिक विरासत जैसी है।
मोदी ने कहा, "एक गरीब मां की तपस्या, उसके बच्चे का दर्द - ये युवा राजकुमार जन्मजात राजघरानों में पैदा हुए हैं, इन्हें यह समझ नहीं आता। ये नामदार' लोग चांदी के चम्मच के साथ जन्मे हैं। देश और बिहार की सत्ता उनके परिवार की विरासत जैसी लगती है।"
पीएम मोदी के इस बयान से साफ संकेत मिला कि वह विपक्ष पर तीखा हमला कर रहे हैं, खासकर उन नेताओं पर जो राजनीतिक वंशवाद के नाम पर सत्ता में हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखें तो, NDA द्वारा बिहार में 4 सितंबर को बंद और चक्का जाम बुलाने का फैसला इस संघर्ष को और बढ़ा रहा है। यह कदम शासक गठबंधन और विपक्षी INDIA ब्लॉक के बीच चुनावी टकराव को और तेज करने का संकेत है।












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