बिहार विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने अविश्वास प्रस्ताव नोटिस किया खारिज, इस्तीफा देने से इनकार
पटना, 23 अगस्त: बिहार में गठबंधन की सरकार बदल चुकी है। बीजेपी से रिश्ता तोड़कर नीतीश कुमार ने आरजेडी और बाकी दलों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बना ली है। कई मुद्दों पर नीतीश कुमार बीजेपी से उखड़े हुए थे, जिसमें से एक वजह विधानसभाा स्पीकर विजय सिन्हा भी थे। विधानसभा के अंदर से कई बार स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तनातनी की खबर सामने आ चुकी हैं। वहीं अब बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। इससे पहले स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को खारिज कर दिया है।

सदन में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने राजद विधायकों द्वारा 10 अगस्त को दिया गया नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे कामकाज के नियमों के खिलाफ पाया। व्यक्तिगत आरोप भी लग रहे हैं। चूंकि नोटिस संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नहीं था, इसलिए उन्होंने इसे खारिज कर दिया है।बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुधवार को है, जिसमें बिहार की नई महागठबंधन सरकार को बहुमत साबित करना है। ऐसे में विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा पहले की एनडीए सरकार में स्पीकर चुने गए थे, जो बीजेपी के विधायक हैं।
वहीं अब स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा है कि वो इस्तीफा नहीं देंगे और बुधवार को सरकार के विश्वासमत परीक्षण के दौरान सदन को संचालित करेंगे। सिन्हा ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और पहले सामान्य सरकारी कामकाज करेंगे। उन्होंने कहा, 'अध्यक्ष के पद की प्रतिष्ठा उनके निजी जीवन से कहीं ज्यादा है।'
इधर, उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी (जेडीयू) ने हालांकि अध्यक्ष के फैसले पर खेद जताते हुए कहा कि सिन्हा ने सदस्यों द्वारा नोटिस का अपमान किया है। बता दें कि महागठबंधन सरकार को राज्यपाल फागू चौहान के निर्देशानुसार विश्वासमत हासिल करना है। सरकार का समर्थन करने वाले 164 विधायक हैं जबकि विपक्ष में भाजपा के 77 विधायक हैं।












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