Bihar Elections: बांग्लादेश बॉर्डर पर SIR को लेकर बवाल, सीमांचल के 4 जिलों में 7.6 लाख वोटर लिस्ट से बाहर!
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में शामिल चार जिलों- अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार- की मसौदा मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यह इलाका नेपाल की सीमा से सटा है और बांग्लादेश के करीब स्थित है। मुस्लिम बहुल आबादी वाला यह क्षेत्र संभावित अवैध घुसपैठ को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है।
बिहार के सीमांचल क्षेत्र के चार जिलों- अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार- की मसौदा मतदाता सूची में कुल 7,61,914 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए नाम
- अररिया में 1,58,072
- किशनगंज में 1,45,668
- पूर्णिया में 2,73,920
- कटिहार में 1,84,254
हटाने के बाद अब इन जिलों में वोटरों की संख्या इस प्रकार है:
- अररिया: 19,24,414
- किशनगंज: 10,86,242
- पूर्णिया: 19,94,511
- कटिहार: 20,44,809
नेपाल सीमा से सटे और बांग्लादेश के करीब बसे सीमांचल में 24 विधानसभा सीटें आती हैं, जो हर चुनाव में ध्रुवीकरण (polarisation) की वजह से एनडीए और विपक्षी INDIA गठबंधन (पहले महागठबंधन) के बीचकांटे की टक्कर का केंद्र बन जाती हैं।
इस क्षेत्र में ही AIMIM ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी
पिछले चुनावों में इन 24 में से ज्यादातर सीटों पर उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। 2020 के विधानसभा चुनावों में, AIMIM ने पांच सीटें जीतकर इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस क्षेत्र की विभिन्न सीटों पर AIMIM उम्मीदवारों की मौजूदगी उस समय महागठबंधन के लिए परेशानी का एक बड़ा कारण थी।
हालांकि सीमांचल क्षेत्र की स्पष्ट राजनीतिक तस्वीर मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही सामने आएगी, लेकिन एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों इस क्षेत्र में मतदाता सूची के प्रारूप का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय होने वाले हैं।












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