Bihar Election 2025: चिराग पासवान के बागी तेवर ने बढ़ाई NDA की टेंशन, उठाया ऐसा कदम की दिल्ली से पटना तक हलचल
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने 9 अक्तूबर को पटना कार्यालय में इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर। इस बैठक में पार्टी के चुनाव सह प्रभारियों, सांसदों, प्रधान महासचिव, प्रदेश उपाध्यक्ष और सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
उम्मीद की जा रही है कि कल की बैठक में चिराग सीट शेयरिंग को लेकर कोई बड़ा और अहम फैसला ले सकते हैं। चिराग पासवान की इस तैयारी ने एनडीए में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी 20 से अधिक सीटें देने को तैयार है, लेकिन चिराग 35 सीटों की मांग कर रहे हैं।

हालांकि बुधवार, 8 अक्टूबर को चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से सीट शेयरिंग को लेकर किसी प्रकार का स्पष्ट बयान न देते हुए कहा कि सही समय आने पर जवाब दिया जाएगा। चिराग के इस खामोशी भरे जवाब को राजनीतिक जानकार एनडीए में दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर संदेश
इससे पहले चिराग ने अपने पिता और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर X पर लिखा, "पापा हमेशा कहा करते थे- जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।" उन्होंने आगे कहा कि "जब मैं संकट में होता हूं, मुझे पिताजी की ये पंक्तियां याद आती हैं।" इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक बिहार की राजनीति में सीट बंटवारे के मुद्दे पर उनके स्पष्ट इशारे के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चिराग पासवान के इस संदेश का मतलब साफ है: यदि उनकी पार्टी को एनडीए में 'सम्मानजनक' हिस्सेदारी नहीं मिली, तो वे अपनी मांगों को लेकर सख्ती दिखा सकते हैं। उनका यह रुख एनडीए में सीट बंटवारे की प्रक्रिया पर प्रेशर पॉलिटिक्स है।
राजनीतिक माहौल में नई हलचल
चिराग पासवान की इमरजेंसी मीटिंग और उनके बयान ने बिहार की सियासत में नई लकीर खींच दी है। पार्टी की सक्रियता ने एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि भाजपा और सहयोगी पार्टियां चिराग की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चिराग का यह कदम पार्टी की ताकत दिखाने और गठबंधन में बेहतर स्थिति बनाने की रणनीति का हिस्सा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर चिराग पासवान की राजनीतिक चाल ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।












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