Bihar News: ज़मीन से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी! दो अंचल अधिकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई, जानिए पूरा मामला
Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रिश्वतखोरी के मामले में शामिल दो अधिकारियों की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मधुबनी के जयनगर अंचल के अंचल निरीक्षक को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जबकि सासाराम सदर अंचल के डाटा एंट्री ऑपरेटर को 1.10 लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया।
ये घटनाएं भूमि दाखिल खारिज के मामलों से संबंधित हैं, जिसके चलते अंचल अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। 24 मई को पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने सासाराम सदर अंचल में डाटा एंट्री ऑपरेटर को 1.10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

मधुबनी के जयनगर में अंचल निरीक्षक अजय मंडल को भी इसी टीम ने 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया। जयनगर में सर्किल इंस्पेक्टर अजय मंडल ने कथित तौर पर दो कट्ठा जमीन के दाखिल खारिज की प्रक्रिया के लिए एक भूस्वामी से 20 लाख रुपये मांगे। विजिलेंस डीएसपी सुजीत सागर ने बताया कि मंडल अकेले ऐसा नहीं कर रहा था, बल्कि अन्य राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों के भी इसमें शामिल होने का संदेह है।
इस नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है। सासाराम सदर अंचल कार्यालय में डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत आकाश कुमार दास को निगरानी टीम ने 1.10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। प्रतापगढ़ के पंकज कुमार ने म्यूटेशन के लिए डीसीएलआर के मौजूदा आदेश के बावजूद इस मांग के बारे में अधिकारियों को सूचित किया था। इसके बाद निगरानी टीमों ने त्वरित कार्रवाई की।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता रखती है। उन्होंने कहा, "किसी भी परिस्थिति में और किसी भी रूप में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।" इन मामलों में आगे की जांच तक दोनों अंचल अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
सासाराम सदर से अंचलाधिकारी सुधीर कुमार ओमकारा और जयनगर से अंचलाधिकारी कुमारी सुजाता को पटना मुख्यालय में पदस्थापित किया गया है। जिलाधिकारियों को इन अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बिना किसी व्यवधान के कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
सतर्कता विभाग राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े रिश्वतखोरी के इन मामलों की जांच जारी रखे हुए है। अधिकारी दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को खत्म करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।












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