यूपी तक फैली है बेतिया राजघराने की रियासत, अब बिहार सकार के हुई अधीन, इतिहास भी काफी दिलचस्प
Bettiah Raj Land: बिहार के बेतिया राजघराने का इतिहास दिलचस्प है। बेतिया राजघराने की रियासत यूपी के आठ और बिहार के पांच जिलों में फैली हुई। अब बेतिया राजघराने की 15,215 एकड़ से ज्यादा जमीन बिहार सरकार के अधीन हो गई है। बिहार सरकार का मानना है कि इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार सरकार ने हाल ही में विधानसभा में एक बिल पास किया है। इसी बिल के आधार पर सरकार ने इस जमीन को अधिग्रहित किया है। बता दें, बेतिया परिवार के पास आज भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और गोरखपुर जैसे शहरों में 143 एकड़ जमीन है। बिहार और यूपी में इन जमीनों की मौजूदा कीमत करीब 8,000 करोड़ रुपये है।

शाहजहां ने 17वीं शताब्दी में दी थी राजा की उपाधि
बेतिया राज की शुरुआत चंपारण क्षेत्र में हुई। इसका इतिहास उज्जैन सिंह और उनके बेटे गज सिंह से है। बादशाह शाहजहां ने उन्हें 17वीं शताब्दी में राजा की उपाधि दी थी। अंतिम शासक हरेंद्र किशोर सिंह का 1893 में बिना किसी उत्तराधिकारी के निधन हो गया था। उनकी पहली पत्नी को राज संपत्ति की जिम्मेदारी मिली थी।
1896 में हुई थी राजा की पहली पत्नी की मृत्यु
राजा की पहली पत्नी की मृत्यु साल 1896 में हो गई। इसके बाद महाराजा हरेंद्र किशोर सिंह की दूसरी पत्नी महारानी जानकी कुंवर ने इन संपत्तियों की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, 1897 में ब्रिटिश शासन के दौरान प्रत्यक्ष उत्तराधिकारियों की कमी के कारण प्रबंधन कोर्ट ऑफ वार्ड्स के पास चला गया। इस कानूनी निकाय की स्थापना 1797 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी।
क्या था कोर्ट ऑफ वार्ड्स?
कोर्ट ऑफ वार्ड्स को संपत्ति की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, जब उत्तराधिकारी नाबालिग थे या उन्हें प्रबंधित करने में असमर्थ थे। इसने सुनिश्चित किया कि इस अवधि के दौरान संपत्ति को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता था। यह प्रणाली 1540 से 1660 तक इंग्लैंड के कोर्ट ऑफ वार्ड्स और लिवरीज पर आधारित थी।
बिहार विधानसभा में पास हुआ बिल
इस व्यवस्था के तहत बेतिया राज की संपत्तियां सुरक्षित तो रहीं, लेकिन उन्हें बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सका। बिहार विधानसभा में पारित विधेयक के बाद बिहार सरकार अब इन जमीनों का प्रबंधन अन्य सरकारी संपत्तियों की तरह करने की योजना बना रही है। बिहार सरकार का प्लान है कि वह यूपी में स्थित बेतिया राज की जमीन का कब्जा भी ले लेंगी।
बिहार के 7 जिलों में फैली है जमीन
बेतिया राजघराने का मामला बिहार सरकार के पास काफी समय से पड़ा था, जिस पर मंगलवार को सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया। सरकार के इस फैसले के मुताबिक, बेतिया राज की करीब 15,358 एकड़ जमीन को अब सरकार के अधीन हो गई। राजकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के करीब 07 जिलों में बेतिया राज की जमीन मौजूद है। इनमें पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सारण, छपरा, गोपालगंज, सिवान तथा राजधानी पटना तक शामिल हैं।












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