लालगंज सीट: बाहुबली मुन्ना शुक्ला जदयू से बगावत कर चुनावी मैदान में, कहा- नीतीश ने दिया धोखा
पटना। बिहार का बाहुबली नेता और पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता था। अब उसने पार्टी से बगावत करते हुए लालगंज से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। मुन्ना शुक्ला इस बार जदयू से टिकट की उम्मीद लगाए बैठा था लेकिन लालगंज सीट भाजपा के खाते में चली गई। जदयू ने जब 115 उम्मीदवारों की सूची जारी की तो उसमें मुन्ना शुक्ला का नाम नहीं था। इसके बाद मुन्ना शुक्ला निर्दलीय ही मैदान में कूद पड़ा। मुन्ना शुक्ला ने कहा कि नीतीश कुमार ने उसके साथ धोखा किया है। लालगंज सीट से मुन्ना शुक्ला की पत्नी अन्नू शुक्ला जदयू से विधायक रही है।

मुन्ना शुक्ला जब नामांकन करने निर्वाचन कार्यालय पहुंचा तो उसके साथ भारी संख्या में समर्थक गए। मुन्ना शुक्ला ने कहा कि उसने नीतीश कुमार का साथ दिया लेकिन उसके साथ धोखा किया गया है। लालगंज की जनता जदयू को सबक सिखाएगी। बिहार में डॉन रहे छोटन शुक्ला और भुटकुन शुक्ला का भाई मुन्ना शुक्ला अपराध जगत से राजनीति में आया। गोपालगंज डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड और मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में आरोपी और सजा काट चुका मुन्ना शुक्ला 1999 में हाजीपुर जेल से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया था। इसके बाद 2002 में निर्दलीय ही चुनाव जीता।
2005 में मुन्ना शुक्ला लोजपा के टिकट पर फिर विधायक बना और इसके बाद जदयू के टिकट पर फिर मध्यावधि चुनाव जीत गया। इसके बाद मुन्ना शुक्ला अब तक जदयू में ही रहा लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उसने बगावत कर पार्टी छोड़ दिया है। 2009 में वैशाली लोकसभा सीट पर जदयू उम्मीदवार के तौर पर मुन्ना शुक्ला चुनाव लड़ चुका है और राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह के हाथों उसको हार मिली थी। बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में सजा मिलने के बाद लालगंज से उसकी पत्नी अन्नू शुक्ला को 2010 में जदयू ने टिकट दिया और वो विधायक बन गई। 2015 में मुन्ना शुक्ला को लोजपा उम्मीदवार राज कुमार साह के हाथों हार मिली।












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