Anant Singh Nitish Kumar: जेल से रिहाई के बाद पहली बार CM नीतीश से मिले अनंत सिंह, जानें किन मुद्दों पर चर्चा
Anant Singh met CM Nitish: बिहार के मोकामा से पूर्व विधायक अनंत सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट की। यह मुलाकात जेल से रिहा होने के बाद उनकी पहली अहम बैठक मानी जा रही है। करीब 15 मिनट तक चली इस बातचीत में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अनंत सिंह ने मोकामा से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी मुख्यमंत्री के सामने रखी है।
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली और विवादित शख्सियत के तौर पर जाने जाते हैं। लंबे समय तक उन्होंने मोकामा क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए रखी है। जेल से रिहाई के बाद उनकी सक्रियता बढ़ गई है और उन्होंने राजनीतिक वापसी की योजना बनानी शुरू कर दी है।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
मोकामा विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबले काफी कड़े रहे हैं। अनंत सिंह की इस दावेदारी से चुनावी समीकरणों में बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह की इस वापसी से बिहार की सियासत में हलचल मच सकती है। उनके समर्थक और विरोधी दोनों ही इस मुलाकात को आगामी चुनावों के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई और आगे की योजना क्या होगी।
हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं अनंत सिंह
सोनू-मोनू गैंग के साथ हुए गोलीकांड के मामले में जेल में बंद अनंत सिंह की हाल ही में रिहाई हुई है। इस घटना के बाद वे सक्रिय राजनीति में वापसी की ओर बढ़ रहे हैं।उनकी हालिया मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी इसी संदर्भ में देखी जा रही है, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि वे मोकामा क्षेत्र में फिर से राजनीतिक सक्रियता बढ़ाना चाहते हैं।
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मोकामा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं अनंत सिंह
अनंत सिंह मोकामा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं और बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। वे अपने विवादित कांडों और ताकतवर छवि के लिए जाने जाते हैं। साल 2018 में उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनके पैतृक आवास से एके-47 राइफल, गोला-बारूद और दो हथगोले बरामद हुए थे। इस गंभीर मामले में दोषी पाए जाने के बाद, 2020 में उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिससे उनकी राजनीतिक करियर को बड़ा झटका लगा।
हालांकि, अगस्त 2024 में पटना उच्च न्यायालय ने इस मामले में उनका नाम बरी कर दिया और उन्हें तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक वापसी की तैयारी शुरू कर दी है।
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