Bihar News: कुर्सी डगमगाई तो AIMIM की याद आई, क्या पहले उन्होंने साथ लाने की पहल की- अख्तरुल ईमान
AIMIM Bihar News: 12 फरवरी को बिहार में सियासी समीकरण बदलने की सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि तेजस्वी यादव बड़ा खेला कर सकते हैं। संभावनाओं की सियासत के बीच बहुमत के लिए आंकड़ों की बाज़ीगरी पर राजनीतिक दलों की नज़र है।
सियासी दांवपेंच के बीच यह क़यास लगाए जा रहे थे कि राजद AIMIM को महागठबंधन के साथ ला सकती है। इसी क्रम में एआईएमआईएम (AIMIM) बिहार के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत की और बेबाकी से अपनी बात रखी।

AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख़्तरुल ईमान से जब सवाल किया गया कि सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ थी कि आपकी पार्टी महागठबंधन का साथ दे सकती है। इसी बीच AIMIM ने बिहार में दो लोकसभा सीटों (औरंगाबाद और किशनगंज) में उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है।
एक तरफ़ आपकी पार्टी इंडिया गठबंधन के ख़िलाफ़ उम्मीदवार उतारेगी, दूसरी तरफ़ महागठबंधन का साथ देने की चर्चा है। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सवाल इंडिया गठबंधन वालों से पूछिए कि क्या उन्होंने पहले साथ लाने की पहल की, आज कुर्सी डगमगाई तो AIMIM की याद आई।
हम लोग हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जो लोग कुर्सी के लिए लड़ाई लड़ते हैं यह सवाल उनसे होना चाहिए कि वह लोग क्यों हक की बात करने वालों को साथ लाने का पहल नहीं करते हैं। जो लोग अक्लियतों का वोट लेते रहे और अक्लियतों को महरूम करते रहे।
आज अक्लियत अपनी पहचान तलाश कर रही है, तो यह सवाल उनसे होना चाहिए था कि आज अक्लियतों को अपनी पहचान तलाशने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है। मैंने तो बिहार में इस बात के लिए पहल भी किया था कि मैं नहीं चाहता कि सेक्युलर का बिखराव हो।
आपतो सिर्फ अपने पॉवर के लिए चाहते हैं कि भाजपा सत्ता में नहीं आए। हम लोग तो अपने जायज़ बातों के लिए भाजपा से लड़ाई लड़ रहे हैं। इसलिए साथ आने की पहल पर बात की थी, लेकिन इन लोगों को सिर्फ़ अक्लियतों का वोट चाहिए। अक्लियतों के हक के लिए बात नहीं करना चाहते।












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