बिहार में हर्ष फायरिंग, मौत और घायलों की तादाद मामले में 50% कमी, 2019 में लाया गया था ये अधिनियम
Harsh Firing Case In Bihar: बिहार में शादी-विवाह समेत अन्य शुभ अवसरों पर हर्ष फ़ायरिंग का चलन काफी बढ़ने लगा था। उत्साह में की गई फायरिंग कभी किसे के मौत की वजह, तो कभी किसी के घायल होने का कारण बन रही थी। वहीं अब बिहार पुलिस की सक्रियता से हर्ष फायरिंग और हथियार प्रदर्शन के मामले में काफी कमी आई है।
हर्ष फायरिंग, हवाई फायरिंग और हथियार प्रदर्शन की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी और इससे होने वाले नुकसान को काबू करने के लिए शस्त्र (संशोधन) अधिनियम 2019 लाया गया। इस अधिनियम के तहत ऐसा काम करने वाले लोगों को दो साल की जेल, 1 लाख रुपए तक का जुर्माना, या फिर कारावास की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

हर्ष फायरिंग पर लगाम के लिए बिहार पुलिस लगातार एक्टिव मोड में काम कर रही है। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए, जून 2023 में स्थायी आदेश के ज़रिए सभी जिलों को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
मुख्यालय द्वारा सभी जिलों को प्रत्येक थाना क्षेत्र के सभी शस्त्र लाइसेंस के साथ-साथ शस्त्रों, लाइसेंसधारकों एवं प्रतिधारकों (रिटेनर) का नियमित रूप से वार्षिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने का निर्देश दिया गया है।
कार्यक्रमों (वैवाहिक, सांस्कृतिक, आर्केस्ट्रा आदि) के आयोजन आयोजन से जुड़ी जानकारी सबंधित थानों को आयोजकों द्वारा देने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही इन जगहों पर CCTV कैमरे की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है, जहाँ से हरेक गतिविधि को स्पष्ट तरीके से रिकॉर्ड किया जा सके।
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा हर्ष फायरिंग की रोकथाम हेतु सभी थानाध्यक्षों को आयोजनकर्ताओं से हर्ष फायरिंग से जुड़े घोषणा पत्र को भरवाने के लिए निर्देश दिया गया है। शादी-विवाह समारोह स्थल, मैरेज हॉल, कम्युनिटी सेंटर, होटल के मैनेजर और मालिकों को कार्यक्रम स्थल पर हर्ष फायरिंग के मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी नोटिस के रूप में लगाने के लिए निर्देशित किया गया है।
सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वैसे समारोह जिनमें हर्ष फायरिंग की आशंका हो, उसकी सूचना पूर्व में ही चौकीदारों द्वारा मिल जानी चाहिए। जहाँ पर पहले से ही हर्ष फायरिंग से कोई घटना होने की आशंका हो, वहाँ पर पुलिस बल को तैनात करने के साथ-साथ कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराने के लिए निर्देश दिया गया है।
इसके साथ साथ ही उन जगहों पर धारा-144 के अंतर्गत हथियारों के रखने या ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो बिहार में जून 2022 से मई 2023 के बीच हर्ष फायरिंग में होने वाली मृत्यु और घायलों की संख्या 58 थी, जबकि जून 2023 से मई 2024 के बीच इसकी संख्या 29 रही। इस प्रकार मृतकों और घायलों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है।












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