15 साल की लड़की के यहां लगता है भूतों का मेला, लोग बुलाते हैं 'विष कन्या'
हम आपको बता दें कि ये बात काल्पनिक नहीं बल्कि हकीकत है। इस लड़की के पास रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग रोते हुए आते हैं और जाते समय जय-जयकार किया करते हैं...
पटना। महज 15 साल की लड़की अपने आप को नागिन की अवतार बताती है और उसके दर्शन से लोगों की हर एक समस्या का समाधान हो जाता है! खासकर इसके दरबार में वैसे लोग आते हैं जो बुरी आत्माओं से पीड़ित हैं या फिर जिनके ऊपर भूत-परेत का साया हो। शायद आपको इन सभी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा हो, आप सोच रहे होंगे कि क्या ये कोई काल्पनिक कहानी तो नहीं। तो हम आपको बता दें कि ये बात काल्पनिक नहीं बल्कि हकीकत है। इस लड़की के पास रोजाना सैकड़ों की संख्या में महिलाएं-पुरुष आते हैं। पिछले कई महीनों से यहां लगातार भूतों का मेला लगता है और 15 साल की सविता भूतों को भगा देती है, ऐसा लोगों का मानना है।

सविता से कैसे बनी विष कन्या? जानिए पूरी कहानी...
गांव में रहकर पढ़ने वाली सविता अचानक कैसे विष कन्या बन गई ये बात इनके परिवार वालों के साथ-साथ पूरे जिले में चर्चा का विषय है। अपने परिवार वालों की उंगली पकड़कर चलने वाली 15 वर्षीय सविता को आज बड़े बुजुर्ग सभी पैर छूकर प्रणाम करते हैं। ये सिलसिला पिछले कई महीनों से गया के इमामगंज कोचिया गांव में देखने को मिल रहा है। जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और नाग देवता की पूजा करते हुए इस लड़की का आशीर्वाद लेते हैं। खासकर यहां बुरी आत्माओं से पीड़ित महिलाएं पहुंचती हैं और अपने आपको विष कन्या बताने वाली सविता को देखते ही बुरी आत्मा झूमने-नाचने लगती है। उनके दरबार में आए भक्तों का कहना है कि देवी पहले भूतों को समझाती है अगर वो नहीं मानता है तो उसकी जमकर पिटाई कर देती है।

6 महीने पहले गई थी अपनी नानी के घर, वहीं मिला था वरदान!
वहीं सविता के मां-बाप की अगर माने तो उनका कहना है कि आज से 6 महीने पहले वो अपनी नानी के यहां गई थी। जहां गांव के एक धार्मिक स्थान पर उसने पूजा की। तभी उसके देह में नाग देवता प्रवेश कर गए। फिर कई बार नाग देवता उसके शरीर के जरिए सामने आए और अपना स्थान मांगने लगे। जिसके बाद हम लोगों ने गांव से बाहर एक खेत में उनको स्थान दिया और उनकी पूजा अर्चना कर उन्हें उस जगह को सौप दिया। तभी से लोग उनके स्थान पर आकर पूजा करने लगे और सभी की मनोकामनाएं पूरी होने लगी। रोजाना सुबह से लेकर शाम तक सविता उस जगह पर बैठी रहती है और दूर दराज से आए श्रद्धालुओं की समस्या का समाधान करती है। बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले आदित्य रिकियासन जो सविता के पिता हैं, उनका कहना है कि इससे पहले सविता अपने ननिहाल मदनपुर ढिबरा गांव में रहकर पढ़ाई करती थी।

जानिए कैसे भगाती है भूत कि लोग करने लगते हैं जय-जयकार?
आज की सदी में भूत-प्रेत को अंधविश्वास समझा जाता है पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो आज भी इसे हकीकत समझते हैं और इस पर विश्वास करते हैं। इसी का एक नजारा आप तस्वीर के जरिए समझ सकते हैं, कैसे कड़कड़ाती धूप में महिलाएं झूमते हुए इस दरबार में पहुंचती हैं और भूत-परेत के साए से मुक्ति पाती हैं।

नाग देवता ने बना दिया है 'विष कन्या'!
यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी अपनी समस्या लेकर आते हैं। ये सिलसिला रामनवमी से शुरू हुआ जो अब तक चलता आ रहा है। हर दिन यहां पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। जबकि यहां सुविधाओं का काफी अभाव है, यहां तक की इस जगह पर आने के बाद पानी पीने के लिए भी लोग तरस जाते हैं। तो आने-जाने का रास्ता भी सही नहीं है फिर भी लोगों का आना कम नहीं हो रहा है।
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