पुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं: उड्डयन मंत्रालय
नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा है कि ओडिशा के पुरी शहर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने में तकनीकी रूप से कोई अड़चन नहीं है। उन्होंने राज्यसभा सदस्य प्रशांत नंदा के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा, Obstacle Limitation Surfaces (OBS) के सर्वेक्षण में पहचानी गई बाधाओं को दूर करने के बाद पुरी में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का विकास तकनीकी रूप से व्यवहार्य प्रतीत होता है। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को राज्यसभा सदस्य प्रशांत नंदा के एक सवाल के जवाब में मंत्री वीके सिंह ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की multi-disciplinary टीम ने 2021 में राज्य सरकार के अनुरोध के बाद पुरी में साइट का दौरा किया था।
मंत्री ने कहा, प्रस्तावित साइट के अध्ययन और मूल्यांकन के अनुसार, प्रथम दृष्टया ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे (GFA) का विकास तकनीकी रूप से व्यवहार्य है। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (जीएफए) नीति, 2008 के अनुसार ओडिशा सरकार से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसमें पुरी जिले में ब्रह्मगिरी तहसील के तहत सिपासरूबली और संधापुर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए 'साइट क्लीयरेंस' की मंजूरी मांगी गई है।
GFA नीति के अनुसार, परियोजनाओं के वित्त पोषण सहित हवाईअड्डा परियोजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार सहित संबंधित हवाईअड्डा विकासकर्ता की है (यदि राज्य सरकार परियोजना प्रस्तावक है)। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने प्रस्तावित हवाईअड्डे के लिए 1500 एकड़ जमीन आवंटित की है। जबकि अधिकांश भूमि खंड सरकार के अंतर्गत आता है, एक हिस्सा तटीय नियामक क्षेत्र (CRZ) के अंतर्गत आता है।

गौरतलब है कि जनवरी, 2021 में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुरी में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित करने का अनुरोध किया था जो दुनिया भर में जगन्नाथ संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में नाम प्रस्तावित किया था।












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