ओडिशा: बीजेडी ने जाति-आधारित जनगणना की मांग दोहराई, सड़कों पर उतरने की भी दी चेतावनी
भुवनेश्वर, अगस्त 25। बीजू जनता दल (बीजद) ने जाति आधारित जनगणना कराने और आरक्षण पर 50% की सीमा को हटाने की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। साथ ही बीजेपी की इस मांग पर साधी हुई चुप्पी को लेकर निशाना साधा है।

अमित शाह को दिया था ज्ञापन
बीजद के मंत्रियों रणेंद्र प्रताप स्वैन और अरुण कुमार साहू ने इस संबंध में मंगलवार को एक प्रेस वार्ता की। इसमें उन्होंने कहा कि पार्टी आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने के मुद्दे पर लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए सड़कों पर उतरेगी। आपको बता दें कि बीजेडी के एक संसदीय दल के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी और जाति जनगणना के समर्थन में एक ज्ञापन दिया था।
जाति आधारित जनगणना के प्रस्ताव को केंद्र ने किया था खारिज
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री रणेंद्र प्रताप स्वैन ने कहा, 'एक समय पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भाजपा के सहयोगी दल जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे थे। केंद्र द्वारा जाति आधारित जनगणना के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद, ओडिशा मंत्रिमंडल ने पिछले साल 11 जनवरी को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग की आबादी के आकलन के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद, एक ओबीसी आयोग का गठन किया गया था।'
सड़कों पर उतरने की बीजेडी ने दी धमकी
इसी तरह, ओडिशा के कृषि मंत्री अरुण कुमार साहू ने भी भाजपा पर इस मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया, जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में उसके सहयोगी दल जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे थे। साहू ने आगे कहा, 'देश भर के कई नेता ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की जाति-आधारित जनगणना करने और आरक्षण को 50% की सीमा से अधिक बढ़ाने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। अगर इन मांगों को नजरअंदाज किया गया तो बीजेडी के पास सड़कों पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।'












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