ओमकारेश्वर मंदिर में पुरातत्व विभाग पर भड़की उमा भारती, बोली करा दो FIR, आस्था से खिलवाड़ नहीं होने दूंगी
ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रेलिंग को देखकर भड़क गई। उन्होंने कहा कि कोरोना तो चला गया, लेकिन अब तक रेलिंग से नंदी जी की प्रतिमा को घेर कर रखा है, जोकि वास्तु के खिलाफ है।
मध्य प्रदेश की तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती अव्यवस्था देखकर नाराज हो गई। मंदिर में वास्तु के हिसाब से व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। दरअसल ममलेश्वर मंदिर में नंदी जी के पास लगाई गई रेलिंग वास्तु के हिसाब से नहीं लगी थी। इसी को लेकर उमा भारती आग बबूला हो गई और उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग चाहे तो उन पर f.i.r. करा दे। वह जेल जाने को भी तैयार हैं,लेकिन वह इस रेलिंग को हटा कर रहेंगी। इसके बाद उमा भारती ने नंदी जी के पास लगी रेलिंग को हटा दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने गुरुवार को अंगारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन किए। इस दौरान रेलिंग में कैद नंदी जी की प्रतिमा को देखकर वे अफसरों पर भड़क गई। उन्होंने पुरातत्व विभाग के स्थानीय कर्मचारियों से कहा कि हजारों साल पहले विद्वानों ने वास्तु के अनुसार मंदिरों का निर्माण करवाया था। आज ऐसे विद्वान को चुनौती देकर धरोहर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर कुछ परिवर्तन जरूरी भी है तो इसके लिए वैदिक विद्वानों से सुझाव लेकर परिवर्तन किया जाए।
कोरोना तो चला गया, लेकिन सबके विरोध के बाद भी यह व्यवस्था बनी रही
Recommended Video
पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि ओमकारेश्वर मुख्य ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर है। सामने ऊपर पहाड़ी पर तो विश्व के स्वामी ओंकार बिंदु संयुक्त बैठे हैं। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग वृषभ राशि के स्वामी है। सामने नंदी भी वस्तु के हिसाब से बैठे हैं। वास्तु अनुसार मुझे अदाएं होकर मंदिर में प्रवेश करना है, लेकिन आपने रास्ता बंद कर रखा है। देश भर से नंगे पांव आने वाले भक्तों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है मैं यह नहीं होने दूंगी। उमा ने कहा कि पुजारियों को, यात्रियों को इस व्यवस्था से बहुत परेशानी थी एवं मंदिर का वास्तु पूरा बिगड़ गया था। कोरोना तो चला गया, लेकिन सबके विरोध के बाद भी यह व्यवस्था बनी रही जो कि अनावश्यक थी, नियम विरुद्ध थी, परंपराओं का हनन कर रही थी तो मैंने अपने हाथ से ही वह व्यवस्था हटा ली।
मंदिर के कर्मचारियों ने पूर्व सीएम से मांगा आवेदन
पूर्व सीमा भारती के कहने पर भक्तों ने नंदी के चारों ओर लगी जाली हथौड़े से हटवा दी उन्हें रोकते हुए पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों ने कहा आप आवेदन दे दो। हम अफसरों तक पहुंचा का निराकरण कराएंगे इस पर भी भड़क उठी और उन्होंने कहा कि मैं क्या, कोई अन्य भक्त भी आवेदन नहीं देगा। मैंने जाली तोड़ी है आप अफसरों को सूचना देकर एफ आई आर दर्ज करा सकते हैं मैं जेल जाने को भी तैयार हूं लेकिन जाली दोबारा नहीं लगेगी पूर्व सीएम के तेवर देख कर्मचारी सहमे नजर आए।
परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य सुंदर
उमा ने कहा कि ओंकारेश्वर में बहुत ही सुंदर तरीके से परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। आदि शंकराचार्य की दीक्षा गुफा भी पहले की तुलना में बहुत ही साफ-सुथरी एवं व्यवस्थित मिली। कि यह मंदिर, पुरातत्व के अधीन है। पूर्व सीएम ने कहा कि हम पुरातत्व की मर्यादाओं को मानते हैं, जानते हैं, हम उनके साथ कभी खिलवाड़ नहीं कर सकते, लेकिन पुरातत्व विभाग भी हमारे मंदिरों के वास्तु एवं परंपराओं से खिलवाड़ नहीं कर सकता। हम मिलकर एक दूसरे का सहयोग करते हुए चलें।
कोरोना का संकट ना आए
उमा ने कहा कि हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भारत पर कोरोना का संकट ना आए। यदि कभी ऐसा हुआ तो फिर से पुरातत्व विभाग अपनी व्यवस्था को मान्यताओं से खिलवाड़ किए बगैर बहाल कर ले। कोरोना भारत की ओर नहीं झांकेगा ऐसा मुझे विश्वास है।












Click it and Unblock the Notifications