MP News: सिंधिया समर्थक तीन मंत्रियों के टिकट खतरे में, संघ से जुड़े 2 मंत्रियों की बदल सकती है सीट
MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी चौथी सूची जारी कर दी है, लेकिन इस सूची में सिंधिया समर्थक चार मंत्रियों के नाम नहीं है। वहीं संघ से जुड़े दो मंत्रियों के भी टिकट अभी तक तय नहीं हो सके हैं। एक मंत्री अपनी बेटी को टिकट दिए जाने की आस लगाए बैठे हुए हैं। जबकि कुछ की स्थिति भाजपा के सर्वे में बेहतर नहीं आई है।
चौथी सूची जारी होने के बाद भी 9 मंत्रियों की टिकट घोषित नहीं हुए हैं। जिसमें शिवपुरी से विधायक और मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी शामिल है। हालांकि यशोधरा राजे ने खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अब बाकी के आठ मंत्रियों के टिकट पर संशय बना हुआ है। हालांकि इसमें से सिंधिया समर्थक माने जाने वाले पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का टिकट लगभग तय है।

महेंद्र सिंह सिसोदिया की उम्मीदवारी फिलहाल घोषित नहीं की गई है, लेकिन संभवत अगले सूची में उनका नाम शामिल हो सकता है। पार्टी सूत्रों की माने तो लोक स्वस्थ एवं यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की सीट बदली जा सकती है। पार्टी का प्रयास है कि इस सीट पर गुना के सांसद केपी यादव को उम्मीदवार बनाया जाए। हालांकि बृजेंद्र सिंह यादव को एडजस्ट करने के लिए उन्हें किसी दूसरी सीट पर उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
वहीं सिंधिया समर्थक लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ को चौथी सूची में भी जगह नहीं मिल सकी। पार्टी के सर्वे में उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए उनका टिकट कटने के असर ज्यादा है। इसी तरह नगरी विकास एवं आवास विभाग के राज्य मंत्री ऑफिस भदोरिया के टिकट को लेकर भी संक्षेप बना हुआ है इनकी भी सर्वे रिपोर्ट से पार्टी नेता खुश नहीं है, इसलिए इनका टिकट भी फंसा हुआ माना जा रहा है। राज्य मंत्री राम खिलावन पटेल की स्थिति भी सर्वे रिपोर्ट में खराब सामने आई है। उनका टिकट भी कर सकता है। हालांकि यह तीनों मंत्री जनता से जुड़े कामों में निरंतर बने रहते हैं।
दो मंत्रियों की बदले की सीट
आरएसएस में अपनी मजबूत पैठ रखने वाले दो मंत्रियों को भी सूची में जगह नहीं मिल सकी है। सुजालपुर से विधायक और राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार का नाम इस सूची में नहीं आया है। परमार शुजालपुर की जगह कालापीपल से चुनाव लड़ सकते हैं। इंदर सिंह परमार कालापीपल विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रह चुके हैं। यहां से कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी का टिकट पक्का माना जा रहा है। वह खाती समाज से आते हैं।
इसके अलावा इंदौर की मऊ से विधायक और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर को भी चौथी सूची में जगह नहीं। उषा ठाकुर 2003 में इंदौर एक से 2013 में इंदौर तीन से विधायक का चुनाव लड़ चुकी है। इसके बाद उन्हें पिछला चुनाव मऊ से लड़ाया गया था। इस बार भी उनकी सीट बदलने की संभावना जताई जा रही है।
सात बार के विधायक गौरी शंकर बिसेन का टिकट भी खतरे में
भाजपा के 7 बार के विधायक और दो बार के सांसद और वर्तमान प्रदेश सरकार में मंत्री गौरी शंकर बिसेन का टिकट भी खतरे में बताया जा रहा है। वह अपनी बेटी मौसम बिसेन को बालाघाट से टिकट दिलाना चाहते हैं। उन्हें पिछले महीने ही मंत्री बनाया गया था वह भाजपा के सबसे सीनियर विधायकों में शुमार है।












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