बुंदेलखंड की एक और धरोहर को नष्ट करने का षड्यंत्र हुआ शुरू, हज़ारों लोग होंगे बेरोजगार
बुंदेली संस्कृति की धरोहर आकाशवाणी केंद्र छतरपुर में 1 मई से नए बदलाव देखने को मिलेंगे। स्थानीय पत्रकारों ने संभावना जताई हैं कि इस तरह से ये आकाशवाणी केंद्र बंद हो जाएगा।
भोपाल, 29 अप्रैल। आकाशवाणी छतरपुर को लेकर स्थानीय पत्रकारों ने संभावना जताई हैं कि आकाशवाणी केंद्र पर तालाबंदी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस रेडियो पर प्रधानमंत्री मोदी मन की बात तो करते है पर इस बुंदेली सभ्यता की पाठशाला के दर्द की बात नहीं सुनना चाहते। आगामी एक मई से प्रधानमंत्री की मन के साथ क्षेत्रीय मन की बात सुनाने वाला रेडियो बदला नज़र आयेगा। आकाशवाणी छतरपुर में प्रतिदिन युववाणी , नारी जगत, ग्राम सभा सहित कई कार्यक्रम विलुप्त हों जायेंगे। यानि बुंदेली सभ्यता को खत्म करने की शुरुआत हों चुकी है!

छतरपुर आकाशवाणी की स्थापना की कहानी
7 अगस्त 1976 को 46 साल पहले कार्यक्रमों की विविध सरगम के साथ छतरपुर आकाशवाणी की स्थापना हुई थी। याद करें जब यहाँ की सांसद विद्यावती चतुर्वेदी थी। जिनके प्रयास से तब के पिछड़े इस क्षेत्र को उचाईयो की नई सौगात मिली थी।
आकाशवाणी छतरपुर की स्थापना का ध्येय था बुंदेली संस्कृति को नए सोपान तक पहुंचाने का। यह वह समय था, जब रेडियो ही देश दुनिया की खबरों, मनोरंजन का एकमात्र साधन था। आकाशवाणी छतरपुर ने बुंदेली विधाओं को मंच दिया और बुंदेली गायकी तो पूरे देश में स्थापित हुई। यहाँ का साहित्य, काव्य और संस्कृति की कई विधाये पिछले 46 साल से संवारता और संजोता रहा है। चार साल बाद जिस आकाशवाणी छतरपुर की स्थापना की गोल्ड़न जुबली मनाने की तैयारी होना चाहिये उसे ठीक उसी तरह मारा जा रहा है जैसे कलयुगी बेटे अपने बुजुर्ग को मोहताज कर उन्हें मार देते है। उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश सहित ऑनलाइन ऐप्प के माध्यम से पूरा देश आकाशवाणी छतरपुर से जुडा है। देश के कई हिस्सों से विभिन्न प्रसारित कार्यक्रमो में आने वाले पत्र इस आकाशवाणी की ताकत है। आकाशवाणी छतरपुर से प्रसारित ग्राम सभा में बुंदेलखंड की ग्रामीण सभ्यता का समावेश है। युववाणी हजारों युवाओं की धड़कन है तो नारी जगत कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण का मंच है। एक मई के बाद इन बुंदेली भावनाओं और उसकी पाठशाला, उसके मंच को केंद्र सरकार के आदेशों का मदमस्त हाथी कुचल देगा।

रोजगार का संकट
आकाशवाणी छतरपुर से कई लोगो का रोजगार भी जुडा है जिन्हे बेरोजगार कर घर बैठा दिया जायेगा। जानकारी के मुताबिक आकाशवाणी छतरपुर से प्रसारित विभिन्न कार्यक्रमों में आकस्मिक उद्घोषक के रूप में 34, ग्राम सभा कैंपेयर्स में 19, नारीजगत में 11, युववाणी में 14 और वसुंधरा व बालमेला को प्रस्तुत करने वाले दो-दो कमपेयर्स कार्यरत है। जिसमे 9 लोग पूर्व से अन्य शासकीय विभागों में कार्यरत है। कुल 82 कमपेयर्स उद्घोषको में से पूर्व से शासकीय कार्यरत 9 लोगो को हटा दिया जाए तो 73 कार्यरत उद्घोषक व कमपेयर्स को रोजगार विहीन कर दिया जायेगा।

बदलाव का क्यों हो रहा हैं विरोध
बता दें प्रसार भारती के नए आदेशों के अनुसार आगामी एक मई से युववाणी, नारीजगत और ग्राम सभा जैसे कार्यक्रम हफ्ता में एक दिन शुक्रवार को प्रसारित होंगे।
छतरपुर आकाशवाणी से प्रसारित दोपहर की सभा को रोक दिया गया है। इस तरह के आदेश साफ संकेत दें रहे है कि जिस आकाशवाणी छतरपुर की स्थापना का उदेश्य बुंदेली संस्कृति को मुकाम देना था। अब उसके बुंदेली प्रोग्रामों को धीरे-धीरे कम करके बंद कर दिया जाएगा।

बुंदेली गीत गाकर किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन
बुंदेलखंडी संस्कृति को बचाने के लिए स्थानीय कलाकार, पत्रकारों और आम लोगों ने छतरपुर आकाशवाणी में होने वाले बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रंग कर्मियों ने बुंदेली गीत गाकर इसका विरोध दर्ज करवाया। वही कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।












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