अव्यवस्था: सरकारी अस्पताल की बदइंतजामी ने ले ली नवजात की जान
सतना, 10 जून: सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक इलाज मुहैया कराने के लिए नित नई योजनाएं चला रही है। इन्फ्राट्रक्चर पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर विभागीय स्तर की बदइंतजामी ने तमाम सरकारी इंतजामों को बौना कर दिया है। नतीजतन कई मर्तबा सरकारी अस्पताल जान ले रहे हैं। सरकारी व्यवस्था की एक ऐसी ही बदइंतजामी से एक नवजात की मौत हो गई। विडंबना है कि सरकारी अस्पतालों में सर्व सुविधायुक्त होने के प्रशासनिक दावों के बीच एक प्रसूता रात 2:30 बजे से सुबह 6:00 बजे तक तड़पती राही। सुबह उसने जिस नवजात को जन्म दिया उसकी भी तकरीबन 2 घंटे में मौत हो गई। लेकिन इतने के बावजूद उसे अस्पताल में ना तो चिकित्सक और ना ही इलाज मिल सका। सरकारी चिकित्सक व्यवस्था का पोल खोलने वाली यह दुखद घटना देवी नाथ धाम बिरसिंहपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घटी। इंतजार है कि चिकित्सक में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर इस मौत पर भी पर्दा डालकर स्वास्थ विभाग उसे बचा ले जाएगा।

प्रसूता के परिजनों ने लगाए आरोप
प्रसव के बाद नवजात स्वस्थ था। डेढ़ घंटे बाद नवजात की एकाएक तबियत खराब हुई। अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इलाज में देरी से नवजात ने दम तोड़ दिया।
चिकित्सक बोले
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। नवजात की हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया था। एएनएम ने 108 को कॉल भी किया था लेकिन एंबुलेंस डेढ़ घंटे बाद 9:30 बजे अस्पताल पहुंची, तब तक नवजात ने दम तोड़ दिया।
परिजनों के मुताबिक
गर्भवती चंदा वर्मा पति रजनीश वर्मा निवासी खडबरी को प्रसव पीड़ा होने पर बुध-गुरुवार दरम्यानी रात 2 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसिंहपुर में भर्ती कराया गया। गर्भवती की सुबह 6:30 बजे सामान्य डिलेवरी हुई। प्रसव के बाद नवजात स्वस्थ था लेकिन एक घंटे बाद उसने रोना और ब्रेस्ट फीड करना एकाएक बंद कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नवजात की तबियत बिगड़ने की सूचना स्टॉफ को दी गई लेकिन अस्पताल में चिकित्सक मौजूद नहीं थे। इलाज नहीं मिलने से नवजात ने दम तोड़ दिया। डॉ पंकज त्रिपाठी ने बताया, स्टॉफ की सूचना पर अस्पताल पहुंचे। नवजात की हालत गंभीर थी, जिसे त्वरित इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एएनएम सीमा पाण्डेय द्वारा सुबह 8:30 बजे 108 को डॉयल किया गया। लेकिन 108 एम्बुलेंस एक से डेढ़ घंटा बाद अस्पताल पहुंची। तब तक नवजात ने दम तोड़ दिया था।












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