शिक्षा के मंदिर में बर्तन धोने को मजबूर हैं छोटे-छोटे बच्चे, राजगढ़ में मध्याह्न भोजन का वीडियो वायरल
राजगढ़ के खिलचीपुर में स्कूल प्रबंधन द्वारा छोटे-छोटे बच्चों से मध्यान भोजन के बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। बच्चों को ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहा है, लेकिन स्कूल की मजबूरी में वह बर्तन धो रहे हैं।
भोपाल,25 सितंबर। जब शिक्षा के मंदिर में छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा की जगह बर्तन धोने का काम करने लगे तो ऐसे में वह कैसे शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ के खिलचीपुर से सामने आया है। जहां पर स्कूल प्रबंधन द्वारा छोटे-छोटे बच्चों से मध्याह्न भोजन के बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बच्चों को ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहा है, लेकिन स्कूल की मजबूरी में वह बर्तन धो रहे हैं। ये हाल कोई एक दिन का नहीं है। पिछले कई महीनों से बच्चों से बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। कई बार प्रिंसिपल को पत्रकार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं देता। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रदेश में ऐसी व्यवस्था को देखकर दिल्ली के सरकारी स्कूलों से तुलना करना शुरू कर दिया है।
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राजगढ़ के खिलचीपुर में छोटे-छोटे स्कूली बच्चे बर्तन धोने को मजबूर
राजगढ़ की खिलचीपुर के सोमवारिया स्थित मॉडल मॉडल स्कूल के बच्चे मध्यान भोजन के बाद बर्तन भी धोते हैं। बच्चों के बर्तन धोने का यह वीडियो शनिवार को वायरल हुआ। बता दे मध्यान भोजन योजना के तहत भोजन कराने व बर्तन धुलवाने की जिम्मेदारी समूह की होती है,लेकिन स्कूली बच्चों के पढ़ाई सहित समस्त देखरेख की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है। इसके बावजूद इस स्कूल में बच्चों से बर्तन धुलवाने का काम करवाया जा रहा है। यहां पर दोपहर के भोजन करने के बाद छोटे बच्चों से बर्तन साफ करवाए जाते है।

प्रिंसिपल ने मीडिया को वीडियो बनाने से रोका
जब मीडिया ने बच्चों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल सर व टीचर हमें बर्तन धोने के लिए कहते हैं। जब प्रिंसिपल से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे मुंह पत्रकारों से बात नहीं की । वहीं पत्रकार द्वारा वीडियो बनाए जाने पर प्रिंसिपल भड़क गए और कहा कि यह सब मत करो। प्रिंसिपल हरीश भंडारी द्वारा कवरेज करने से रोके जाने पर स्थानीय पत्रकारों में आक्रोश है।

आम आदमी पार्टी के नेता उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता संजय कुमार गौर ने इस वायर वीडियो को टवीट् करते हुए लिखा कि स्कूल पढ़ने के लिए होते है या बर्तन धोने के लिए? मध्य प्रदेश के राजगढ़ खिलचीपुर नगर के मॉडल स्कूल में बच्चों से धुलवाए जा रहे हैं बर्तन ! जनता को तय करना है दिल्ली की सरकार के शानदार स्कूल चाहिए या मध्यप्रदेश के ऐसे स्कूल।

बच्चों को मैन्यू के हिसाब से नहीं मिलता भोजन
खिलचीपुर के इस स्कूल में मैनु के हिसाब से बच्चों को भोजन नहीं दिया जाता। अपनी मर्जी अनुसार विद्यालय बच्चों को भोजन उपलब्ध करवाता हैं। विद्यालय में मैन्यू बोर्ड कहीं भी नहीं लगा। वहीं अमन सोसायटी समूह द्वारा शनिवार को बच्चों को दिन के भोजन में प्रभारी के आदेश अनुसार पराठा व कद्दू उपलब्ध करवाया गया। जब बच्चे भोजन कर लेते हैं तो प्रभारी द्वारा एक बड़ा सा टप पानी से भर कर रख दिया जाता है। जिसमें छोटे-छोटे बच्चे अपने हाथों से पानी लेकर बर्तन धोते हैं।












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