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Bhopal News: प्रॉपर्टी खरीदने वालों को झटका, 1 अप्रैल से रजिस्ट्री होगी महंगी, जमीनों के दाम 14 से 300% तक बढ़े

MP News Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए एक बुरी खबर है। लंबी जद्दोजहद और विरोध के बावजूद आखिरकार जमीनों के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव पास हो गया है, और अब 1 अप्रैल 2025 से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी।

जिला मूल्यांकन समिति ने शहर की 2,885 लोकेशनों में से 1,283 पर जमीनों के दाम 14% से लेकर अधिकतम 300% तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी को भेज दिया है। इस फैसले से न सिर्फ आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि बिल्डर्स और रियल एस्टेट संगठन भी हक्के-बक्के हैं। सांसद, विधायक, क्रेडाई संगठन और आम लोगों ने इस बढ़ोतरी का जमकर विरोध किया था, लेकिन अफसरों ने किसी की एक न सुनी और अपने तर्कों के आधार पर यह प्रस्ताव पास कर दिया।

Shock to property buyers registration will be expensive from April 1 land prices increased by 300

1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें: 14 से 300% तक बढ़ोतरी

जिला मूल्यांकन समिति की तीसरी बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में यह फैसला लिया गया। बैठक में प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 पर चर्चा हुई, जिसमें शहर की 1,283 लोकेशनों पर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया। औसतन 14% की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 5% से लेकर 300% तक है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया, "प्रस्तावित गाइडलाइन में जिन जगहों पर आपत्तियाँ थीं, वहाँ दरों को थोड़ा कम किया गया है। औसतन 14% की बढ़ोतरी की गई है, और यह प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी को भेज दिया गया है।"

1 अप्रैल से यह नई दरें लागू हो जाएंगी, जिसके बाद भोपाल में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। मसलन, अगर किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री का मूल्य अभी 50 लाख रुपये है, तो 14% बढ़ोतरी के बाद यह 57 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, जिन इलाकों में 300% की बढ़ोतरी हुई है, वहाँ यह कीमत कई गुना बढ़ जाएगी।

55 से ज्यादा आपत्तियों पर हुई वन टू वन चर्चा

जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी, निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण यादव, एसडीएम सिद्धार्थ जैन, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत और हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया मौजूद थे। इस बैठक में 55 से ज्यादा बड़ी दावा-आपत्तियों पर विस्तृत चर्चा हुई। वन टू वन चर्चा कर इन आपत्तियों पर विचार-विमर्श किया गया। कुछ आपत्तियों पर थोड़ा-बहुत बदलाव करने के बाद गाइडलाइन को फाइनल कर दिया गया।

कलेक्टर ने बताया, "हमने सभी पक्षों को सुनने की कोशिश की। जहां जरूरी लगा, वहां दरों में कमी भी की है, लेकिन बाजार के मौजूदा रुझानों और प्रॉपर्टी के मूल्यांकन को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी थी।" हालांकि, इस फैसले से नाखुश लोग इसे कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं।

सांसद, विधायक और क्रेडाई का विरोध बेकार

इस बढ़ोतरी का सांसद, विधायक, क्रेडाई संगठन और आम नागरिकों ने जमकर विरोध किया था। क्रेडाई (कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने तर्क दिया कि प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर पर बुरा असर पड़ेगा और मकान खरीदना आम लोगों की पहुँच से बाहर हो जाएगा। एक बिल्डर ने कहा, "पहले ही मंदी का दौर चल रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से प्रॉपर्टी मार्केट ठप हो जाएगा।"

सांसद और विधायकों ने भी इस बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए इसे रोकने की माँग की थी। आम नागरिकों ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। एक नागरिक ने कहा, "हमने बड़ी मुश्किल से मकान खरीदने के लिए पैसे जोड़े थे, लेकिन अब रजिस्ट्री के दाम बढ़ने से हमारा सपना टूट रहा है।" लेकिन इन तमाम विरोधों के बावजूद अफसरों ने अपने तर्कों के आधार पर यह प्रस्ताव पास कर दिया।

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स की राय: कोर्ट का रुख करेंगे!

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स और बिल्डर्स इस बढ़ोतरी को रोकने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। एक रियल एस्टेट एक्सपर्ट ने कहा, "14% से 300% तक की बढ़ोतरी किसी भी तरह से जायज नहीं है। यह प्रॉपर्टी मार्केट को पूरी तरह से प्रभावित करेगा। हम इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।" क्रेडाई ने भी इस मुद्दे को मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के सामने उठाया है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।

सोशल मीडिया पर हंगामा: "सपनों पर चोट!"

इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर भी हंगामा मच गया है। एक यूजर ने लिखा, "भोपाल में मकान खरीदना अब सपना ही रह जाएगा। 300% तक की बढ़ोतरी? यह तो आम आदमी के सपनों पर चोट है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "सांसद-विधायक कुछ नहीं कर पाए, तो आम आदमी की क्या सुनवाई होगी? सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।" कुछ लोगों ने इसे रियल एस्टेट माफिया और अफसरों की मिलीभगत करार दिया, तो कुछ ने कोर्ट से उम्मीद जताई।

प्रॉपर्टी मार्केट पर क्या होगा असर?

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बढ़ोतरी से भोपाल में प्रॉपर्टी मार्केट पर बुरा असर पड़ेगा। एक एक्सपर्ट ने बताया, "पिछले कुछ सालों में भोपाल में प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ी थी, खासकर मध्यम वर्ग के बीच। लेकिन अब रजिस्ट्री के दाम बढ़ने से लोग मकान खरीदने से हिचकेंगे। इससे बिल्डर्स को भी नुकसान होगा।" वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बढ़ोतरी बाजार के रुझानों को देखते हुए जायज है, क्योंकि भोपाल में प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी हैं।

एक सवाल: क्या यह बढ़ोतरी जायज है?

यह बढ़ोतरी कई सवाल खड़े करती है। पहला सवाल यह कि जब सांसद, विधायक और आम लोग इस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे थे, तो क्या उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए था? दूसरा सवाल यह कि 14% से 300% तक की बढ़ोतरी का आधार क्या है, और क्या यह बढ़ोतरी सभी इलाकों के लिए एकसमान है? और तीसरा सवाल यह कि क्या इस बढ़ोतरी से प्रॉपर्टी मार्केट पर लंबे समय तक असर पड़ेगा?

यह साफ है कि भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना देखने वालों के लिए यह एक बड़ा झटका है। अब देखना यह है कि क्या केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी इस प्रस्ताव में कोई बदलाव करती है, या कोर्ट में इसकी सुनवाई होती है। लेकिन एक बात तय है-1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होने जा रही है, और यह फैसला न सिर्फ आम लोगों, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।

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