MP News Bhopal: सरकारी अस्पताल में चौंकाने वाला मामला, सातवें महीने में महिला ने एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में गुरुवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। दरअसल, एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म देकर ना केवल अपने परिवार को खुशियों से भर दिया, बल्कि भोपाल के सरकारी अस्पताल के मेडिकल इतिहास में भी एक नई मिसाल कायम कर दी।
यह पहली बार है जब इस सरकारी अस्पताल में किसी महिला ने एक साथ क्वाड्रपलेट्स, यानी चार बच्चों को जन्म दिया हो। नवजातों में दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

सातवें महीने में हुआ प्रसव, डॉक्टरों ने समय रहते लिया फैसला
अस्पताल की अधीक्षक डॉ स्मिता सक्सेना के मुताबिक, महिला को गर्भावस्था के सातवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू होने के कारण आपात स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया। पहले से की गई सोनोग्राफी में यह स्पष्ट हो चुका था कि गर्भ में चार भ्रूण विकसित हो रहे हैं। चूंकि डिलीवरी समय से पहले हो रही थी, इसलिए डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया। सर्जरी सफल रही और चारों बच्चों को सुरक्षित जन्म दिया गया।
बच्चों की स्थिति, दो स्थिर, दो गंभीर
डॉ सक्सेना ने बताया कि सभी नवजातों का वजन 800 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम के बीच है। इनका जन्म समय से पहले हुआ है, इसलिए विशेष निगरानी की जरूरत है।
दो नवजात शिशु स्थिर स्थिति में हैं।
दो बच्चों की हालत गंभीर है और उन्हें वार्मर में रखकर नियोनेटल आईसीयू (NICU) में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। बच्चों की स्थिति को देखते हुए उनकी हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है और वरिष्ठ विशेषज्ञों की टीम लगातार संपर्क में है। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले 48 घंटे बेहद अहम होंगे। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
मां की हालत सामान्य, ऑपरेशन के बाद स्वस्थ
महिला का सिजेरियन ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और वह अब सामान्य स्थिति में है। उसे अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। परिवारजन अस्पताल में मौजूद हैं और सभी मां और बच्चों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
डॉ सक्सेना ने वन इंडिया हिंदी से कहा कि यह एक जटिल लेकिन सफल ऑपरेशन था। हमारी पूरी टीम ने पूरे समर्पण और धैर्य से इस प्रसव को संभाला। अब हमारा पूरा ध्यान नवजात शिशुओं की सेहत को स्थिर करने पर है।
मेडिकल साइंस में दुर्लभ मामला
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, क्वाड्रपलेट्स का जन्म एक अत्यंत दुर्लभ प्राकृतिक घटना है। यह केस प्राकृतिक रूप से गर्भधारण से हुआ है, न कि किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से।
ऐसा एक मामला लाखों में एक बार होता है।
चूंकि यह प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, इसलिए मामला और भी चुनौतीपूर्ण बन गया था। डॉ सक्सेना ने कहा, "यह केवल अस्पताल के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए गौरव की बात है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही चारों बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर जाएं।"
अस्पताल में जश्न जैसा माहौल, प्रशासन ने दी बधाई
अस्पताल के स्टाफ और मेडिकल टीम ने इस सफलता को एक टीम वर्क की जीत बताया है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को बधाई दी है।
काटजू अस्पताल, जो राजधानी भोपाल के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है, इस घटना को अपने मेडिकल इतिहास का एक "मील का पत्थर" मान रहा है। इससे पहले, पिछले वर्ष यहां तीन बच्चों के जन्म का मामला सामने आया था, लेकिन चार बच्चों का यह पहला मामला है।
भोपाल के काटजू अस्पताल में हुए इस दुर्लभ और चमत्कारी प्रसव ने ना केवल चिकित्सा समुदाय को आश्चर्यचकित किया, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर यह घटना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, वहीं दूसरी ओर यह एक मां की ममता और मेडिकल टीम की मेहनत का प्रतीक भी बन गई है।
अस्पताल प्रशासन और परिवार की उम्मीदें अब इस बात पर टिकी हैं कि चारों बच्चे स्वस्थ होकर जल्द अपने घर लौटें - ताकि यह चमत्कार एक संपूर्ण खुशखबरी में बदल सके।












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