सोयाबीन भावांतर राशि से झूमे सीहोर के किसान, CM मोहन यादव के सिंगल क्लिक पर 1300 रुपये प्रति क्विंटल मिले
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए त्योहारों के बाद एक और बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देवास से सिंगल क्लिक कर सोयाबीन की फसल के भावांतर भुगतान की राशि 1300 रुपये प्रति क्विंटल किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
इस राशि के आते ही सीहोर जिले के चंदेरी, माखेड़ी, रलावती और क्लास कला गांवों के किसान झूम उठे। समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने डांडिया नाच कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद जताया। किसानों ने कहा, "मंडी में सोयाबीन 4500 रुपये क्विंटल बिकी, अब 1300 रुपये भावांतर से कुल 5800 रुपये मिले।

यह हमारे लिए दिवाली का तोहफा है।" एमएस मेवाड़ा ने बताया, "खराब फसल की राहत मिली, लेकिन बीमा राशि भी दिलाई जाए।" यह जश्न न केवल भावांतर योजना की सफलता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा रहा है। कैबिनेट ने सोयाबीन का मॉडल रेट 4036 रुपये घोषित किया था, लेकिन किसानों को 1300 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर भुगतान मिला। आइए, जानते हैं इस खुशी की पूरी कहानी - सिंगल क्लिक से डांडिया नाच तक, योजना की डिटेल और किसानों की मांगें।
1.32 लाख किसानों को 300 करोड़ ट्रांसफर, सीहोर के गांवों में जश्न
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 नवंबर 2025 को देवास में आयोजित कार्यक्रम से सिंगल क्लिक कर भावांतर भुगतान योजना के तहत 1.32 लाख किसानों के खातों में 300 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि सोयाबीन की फसल के लिए थी, जहां मंडी मूल्य और MSP के अंतर की भरपाई की गई। सीएम ने कहा, "किसानों की मेहनत का सम्मान है। भावांतर से कोई नुकसान नहीं होगा।"
सीहोर जिले में यह राशि आते ही गांवों में जश्न शुरू हो गया। चंदेरी, माखेड़ी, रलावती और क्लास कला गांवों में समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में किसान इकट्ठा हुए। डांडिया नाच हुआ, ढोल-मंजीरे बजे। एक किसान ने कहा, "4500 में बिकी फसल, 1300 भावांतर से 5800 मिले। घर का कर्ज उतरेगा।" मेवाड़ा ने कहा, "भैया मोहन ने वादा पूरा किया। मोदी जी का आशीर्वाद। लेकिन खराब फसल का बीमा भी दिलाएं।"
भावांतर योजना की डिटेल: 4036 मॉडल रेट, 1300 रुपये अंतर भुगतान - कैसे मिला लाभ?
कैबिनेट ने सोयाबीन का मॉडल रेट 4036 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया। मंडी में औसत 4500 रुपये मिले, लेकिन कुछ इलाकों में 4000 से कम। अंतर की भरपाई:
- गणना: MSP/मॉडल रेट - मंडी मूल्य = भावांतर।
- सीहोर में: औसत 4500 बिकी, लेकिन कम मूल्य वाले को 1300 तक।
- कुल लाभ: 1.32 लाख किसानों को 300 करोड़, प्रति किसान औसत 22,727 रुपये।
- कार्यान्वयन: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, ई-क्रॉप वेरिफिकेशन, DBT से ट्रांसफर।
- मेवाड़ा ने कहा, "5350 का लाभ - मंडी 4500 + 850 भावांतर (कुछ को 1300)।" योजना से 20 लाख किसान लाभान्वित।
किसानों की खुशी: डांडिया नाच, आभार - लेकिन बीमा की मांग
क्लास कला गांव में 200 किसान इकट्ठा। एक किसान बोले, "कर्ज था, अब उतरेगा। भैया मोहन ने दिवाली के बाद दूसरी दिवाली दी।" महिलाओं ने राखी भेजी। मेवाड़ा ने अपील की, "खराब फसल (बारिश से) का बीमा दिलाएं। PM मोदी से अनुरोध।"
योजना का असर: मालवा-निमाड़ के किसानों को राहत, 2026 कृषि वर्ष की तैयारी
यह भुगतान मालवा क्षेत्र (सीहोर, देवास) के सोयाबीन किसानों को बड़ी राहत। 2025 खरीफ में 20 लाख हेक्टेयर सोयाबीन। योजना से निजी व्यापारियों का दबदबा कम। विपक्ष ने कहा, "देर से मिला।" लेकिन किसान खुश।












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