MP News: उज्जैन में SBI बैंक में सेंधमारी, 2 करोड़ के जेवर और 8 लाख कैश चोरी, सीसीटीवी में कैद हुए दो संदिग्ध
Ujjain News: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में एक सनसनीखेज चोरी की घटना ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों को हिलाकर रख दिया है। महानंदा नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा से 2 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 8 लाख रुपये नकद चोरी हो गए।
यह वारदात गोल्ड लोन के लिए जमा किए गए आभूषणों से संबंधित है, और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की है, जो फुटेज में बैग लेकर बैंक से बाहर निकलते और बाउंड्री वॉल फांदकर भागते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुई चोरी?
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि सुबह जब बैंक का सफाईकर्मी और मैनेजर शाखा पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य गेट से लेकर लॉकर तक के ताले खुले पाए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच में दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए, जिनके हाथों में बैग थे। फुटेज में साफ दिख रहा है कि दोनों बदमाश बैंक से बाहर निकलने के बाद बाउंड्री वॉल फांदकर फरार हो गए।
पुलिस को आशंका है कि इस चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत हो सकती है, क्योंकि लॉकर को तोड़ा नहीं गया, बल्कि ताले खोलकर चोरी की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) उमेश जोगा और एसपी प्रदीप शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की।
बैंक की लापरवाही उजागर
इस घटना ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कुछ ही दिन पहले इसी शाखा में देर रात आग लगने की घटना हुई थी, जिसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बैंक में गार्ड मौजूद रहता है, लेकिन घटना की रात कोई गार्ड मौके पर नहीं था। इसके अलावा, बैंक में लगे एंटी-थेफ्ट अलार्म सिस्टम ने भी काम नहीं किया, जो एक गंभीर चूक को दर्शाता है।
पिछले महीने की आग की घटना के बाद भी बैंक अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों में सुधार नहीं किया, जिसे लेकर स्थानीय लोग और ग्राहक नाराजगी जता रहे हैं। गोल्ड लोन के लिए जमा किए गए आभूषणों की चोरी ने उन ग्राहकों में दहशत पैदा कर दी है, जिन्होंने अपने कीमती गहनों को बैंक की सुरक्षा पर भरोसा करते हुए जमा किया था।
सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति बैंक से बाहर निकलते और बाउंड्री वॉल फांदकर भागते दिखाई दे रहे हैं। दोनों के हाथों में बैग थे, जिनमें संभवतः चुराए गए आभूषण और नकदी थी। पुलिस इन संदिग्धों की पहचान और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्रों में छानबीन कर रही है।
अंदरूनी साजिश की आशंका
पुलिस को इस बात का संदेह है कि चोरी में बैंक के किसी कर्मचारी या अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत हो सकती है। इसका कारण यह है कि लॉकर को बिना तोड़े खोला गया, जो बिना उचित चाबी या तकनीकी जानकारी के संभव नहीं है। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
ग्राहकों में दहशत, बैंक की जवाबदेही पर सवाल
चोरी हुए आभूषण उन ग्राहकों के हैं, जिन्होंने गोल्ड लोन के लिए अपने गहने बैंक में जमा किए थे। इस घटना ने न केवल ग्राहकों में डर पैदा किया है, बल्कि बैंक की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं। ग्राहकों का कहना है कि बैंक की लापरवाही के कारण उनकी मेहनत की कमाई और कीमती गहने खतरे में पड़ गए हैं।
एक ग्राहक, रमेश सोलंकी (बदला हुआ नाम), ने बताया, "हमने बैंक पर भरोसा करके अपने गहने जमा किए थे, लेकिन अब यह खबर सुनकर हम डर गए हैं। बैंक को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कई टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर डेटा, और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। एडीजी उमेश जोगा ने कहा, "हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और चुराया गया सामान बरामद करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।"












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