Satna: आर्मी की जेएजी में लेफ्टिनेंट बनी विंध्य क्षेत्र की जांबाज बेटी निकिता, देश भर में किया टॉप
सतना, 4 जुलाई। जिले की एक और बेटी ने सतना को गौरवांवित किया है। सतना की लाडली निकिता ने आर्मी में जज एडवोकेट जनरल में लेफ्टिनेंट पद पर कमीशन प्राप्त किया है। निकिता अपने परिवार की पुश्तैनी तीसरी पीढ़ी की सदस्य है, जिसने देश सेवा के लिए भारतीय सेना को चुना है। उसके पिता कर्नल तथा दादा ब्रिगेडियर रहे हैं।

सतना नगर के नजदीकी ग्राम हाटी के मूल निवासी रिटायर्ड ब्रिगेडियर कृष्णपाल सिंह की पोती तथा सेवानिवृत्त कर्नल विजय पाल सिंह के परिवार की तीसरी पीढ़ी ने भी भारतीय सेना में मुकाम हासिल किया है। इस बार परिवार की बेटी ने राष्ट्र सेवा के जज्बे के साथ भारतीय सेना की ड्रेस पहनी है। विजय पाल सिंह की बेटी निकिता सिंह को जज एडवोकेट जनरल के तहत लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन प्राप्त हुआ है।
प्रथम स्थान हासिल किया
निकिता ने इंटरव्यू के लिए चयनित 33 प्रतिभागियों को पीछे करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस पद के लिए सिर्फ तीन सीटें थीं, जिनमें प्रथम नंबर पर निकिता ही रहीं। उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में 1 वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्हें एक गरिमामय समारोह में कमीशन प्रदान किया गया।
विंध्य प्रदेश का नाम भारत मे रोशन करने वालीं 26 वर्ष की निकिता अब बॉर्डर पर जाएंगी। चेन्नई में जब कमीशन सेरेमनी हुई तो बेटी की उपलब्धि ने मां प्रेरणा सिंह आउट पिता रिटायर्ड कर्नल विजय पाल सिंह का सिर सम्मान से और ऊंचा और सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। निकिता के छोटे भाई समर्थ सिंह इंजीनियरिंग की स्टडी कर रहे हैं।
एसएसबी में हुआ सिलेक्शन
सतना मुख्यालय से लगा हुआ ग्राम हाटी की मूल निवासी निकिता हाईस्कूल तक सतना के सेंट माइकल स्कूल में पढ़ीं। इसके बाद उन्होंने पुणे में पढ़ाई कर बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। निकिता ने डिग्री हासिल करने के बाद सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा दी, उसमें भी सफलता हासिल की। निकिता को इंटरव्यू के लिए डायरेक्ट कॉल लेटर आया और वहां उन्होंने 3 पदों के लिए चयनित 33 प्रतिभागियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
दादा और नाना दोनों कानूनविद
निकिता की मां प्रेरणा सिंह जानकारी दी की निकिता के दादा ब्रिगेडियर कृष्णपाल सिंह भी इसी जीएजी ब्रांच में रहे हैं। नाना सुरेंद्र सिंह परिहार जाने-माने वकील हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की स्टेट बार अनुशासन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। दादा और नाना दोनों कानूनविद थे, लिहाजा निकिता की रुचि बचपन से ही लॉ मैटर्स पर रही है। नाना सुरेंद्र सिंह भी चाहते थे कि उनकी नातिन फौज की जीएजी ब्रांच में जाए।












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