MP भोपाल में GST 2.0 के बाद साड़ी-लेहंगा महंगे? न्यू मार्केट में दुकानदारों ने बताया पूरा सच, ग्राउंड रिपोर्ट
नवरात्रि की धूम में डूबे भोपाल के न्यू मार्केट में खरीदारी का मौसम जोरों पर है, लेकिन जीएसटी 2.0 के नए नियमों ने व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में 22 सितंबर 2025 से लागू हुए सुधारों के तहत टेक्सटाइल सेक्टर में स्लैब को सरलीकृत कर 5% और 18% कर दिया गया है। लेकिन इस बदलाव ने महंगे साड़ी-लेहंगा जैसे परिधानों के दामों में इजाफा कर दिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को न्यू मार्केट का दौरा कर व्यापारियों से बातचीत की, जहां कई दुकानदारों ने माना कि 12% से 18% जीएसटी बढ़ने से शादी-ब्याह के सीजन में कारोबार पर असर पड़ रहा है। वनइंडिया संवाददाता एलएन मालवीय की ग्राउंड रिपोर्ट में दुकानदारों ने खुद सच्चाई बताई - सस्ते कपड़ों पर राहत मिली, लेकिन प्रीमियम आइटम्स महंगे हो गए।

यह बदलाव न केवल भोपाल के बाजारों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर पर असर डाल रहा है। जीएसटी 2.0 को 'नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स' बताते हुए केंद्र सरकार ने स्लैब को 5%, 18% और 40% तक सीमित किया है, जिसका उद्देश्य अनुपालन आसान बनाना और उपभोग बढ़ाना है। लेकिन ग्रामीण और मध्यमवर्गीय ग्राहकों के लिए यह दोधारी तलवार साबित हो रहा है। आइए, जानते हैं भोपाल के न्यू मार्केट से ग्राउंड रिपोर्ट, जहां दुकानदारों ने दामों की सच्चाई खोली।
जीएसटी 2.0 का टेक्सटाइल पर असर: साड़ी पर कोई बदलाव, लेकिन लेहंगा 2500 से ऊपर 18% महंगा
जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव किया गया। पहले सभी कपड़ों (अनस्टिच्ड और स्टिच्ड) पर 12% जीएसटी लगता था। लेकिन अब साड़ी जैसे अनस्टिच्ड फैब्रिक्स पर 5% टैक्स लागू है, जो पहले से कम है। वहीं, लेहंगा, सलवार सूट और अन्य स्टिच्ड गारमेंट्स पर मूल्य आधारित स्लैब लागू हो गया - 2500 रुपये तक के आइटम्स पर 5%, और इससे ऊपर पर 18%। इसका मतलब, एक 3000 रुपये का लेहंगा पहले 12% (360 रुपये) टैक्स के साथ 3360 रुपये का पड़ता था, अब 18% (540 रुपये) के साथ 3540 रुपये का हो गया - यानी 180 रुपये महंगा।
न्यू मार्केट में साड़ी व्यापारी विकास रनावत ने बताया, "साड़ी पर टैक्स 5% ही है, लेकिन लेहंगा और ब्राइडल वियर पर 18% लगने से दाम बढ़ गए। एक 5000 का लेहंगा अब 900 रुपये टैक्स के साथ बिकेगा, पहले 600 था। ग्राहक पूछ रहे हैं, लेकिन हम कह क्या दें - सरकार का फैसला है।" जैन के अलावा, कई दुकानदारों ने माना कि नवरात्रि और दशहरा सीजन में यह बढ़ोतरी सेल्स को 20-25% घटा सकती है। ड्राई फ्रूट्स व्यापारी संजय अग्रवाल ने कहा, "काजू-पिस्ता पर टैक्स 5% हो गया, पहले 12% था, तो सस्ता हुआ। लेकिन कपड़े महंगे होने से बाजार का बैलेंस बिगड़ गया।"
जीतू पटवारी का न्यू मार्केट दौरा: व्यापारियों से सहमति, भाजपा पर निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम के तहत न्यू मार्केट का दौरा किया। उन्होंने 20 से अधिक व्यापारियों से मुलाकात की, जहां मुख्य मुद्दा जीएसटी कटौती और उसके असर पर रहा। पटवारी ने कहा, "भाजपा सरकार जीएसटी सुधारों का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन साड़ी-लेहंगा जैसे आइटम्स महंगे हो गए। यह मध्यमवर्ग पर बोझ है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में हमेशा सिंगल स्लैब जीएसटी की मांग की है।" कई व्यापारी पटवारी की बातों से सहमत नजर आए, खासकर कपड़ा कारोबारियों ने।
एक लेहंगा स्टोर मालिक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पटवारी जी सही कह रहे हैं। 18% टैक्स से ब्राइडल कलेक्शन महंगा हो गया। पहले 12% था, अब ग्राहक कम आ रहे।" हालांकि, कुछ व्यापारियों ने मोदी सरकार की तारीफ की। एक रेडीमेड गारमेंट्स विक्रेता ने बताया, "रोजमर्रा के कपड़ों पर 5% से फायदा हुआ। लेकिन प्रीमियम आइटम्स पर नुकसान। कुल मिलाकर राय बंटी हुई है।" पटवारी ने मांग की कि पुराने रेट पर चुकाए गए जीएसटी का रिफंड ITR जैसी सुविधा हो।
ग्राउंड रिपोर्ट: न्यू मार्केट में दुकानदारों की जुबानी - बढ़े दाम, घटा कारोबार
वनइंडिया संवाददाता एलएन मालवीय ने न्यू मार्केट में घूमकर 15 दुकानों से बात की। यहां की सच्चाई यह निकली कि साड़ी पर कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन लेहंगा और डिजाइनर वियर पर दाम 6-10% बढ़ गए। एक दुकानदार ने बिल दिखाया - 4000 रुपये का लेहंगा पहले 4480 (12% GST) था, अब 4720 (18% GST)। ग्राहक रीता शर्मा ने शिकायत की, "नवरात्रि में गरबा के लिए लेहंगा लेना था, लेकिन 200-300 महंगा हो गया।"
आइटम,पुराना मूल्य (रु.),पुराना GST (12%),कुल पुराना (रु.),"नया GST (18% पर, >2500)",कुल नया (रु.),बढ़ोतरी (रु.)
- "साड़ी (अनस्टिच्ड, 2000 रु.)",2000,5% (100),2100,5% (100),2100,0
- लेहंगा (3000 रु.),3000,360,3360,540,3540,180
- ब्राइडल साड़ी (5000 रु.),5000,600,5600,900,5900,300
यह टेबल दुकानदारों के बिलों पर आधारित है। कई ने कहा कि वे दाम बढ़ाकर ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे, लेकिन टैक्स का बोझ ग्राहक पर ही आ रहा। ड्राई फ्रूट्स सेक्टर में राहत मिली - काजू पर 5% से 100 ग्राम 50 रुपये सस्ता।
कांग्रेस का हमला, भाजपा का बचाव
यह मुद्दा राजनीतिक हो गया है। पटवारी ने भाजपा पर 'गब्बर सिंह टैक्स' का तंज कसा, कहा कि 2017 से चुकाए गए हाई रेट का रिफंड होना चाहिए। भाजपा ने पलटवार किया कि सुधारों से 90% आइटम्स सस्ते हुए। सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस को जीएसटी का फायदा दिख रहा, लेकिन वे विरोध करते हैं।" न्यू मार्केट में पटवारी के दौरे के बाद कांग्रेस ने 'जीएसटी रिफंड' अभियान शुरू किया।
फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की जेब ढीली, सुधार की मांग
भोपाल के न्यू मार्केट से ग्राउंड रिपोर्ट साफ कहती है कि जीएसटी 2.0 से साड़ी पर राहत, लेकिन महंगे लेहंगा पर बोझ बढ़ा। दुकानदार चिंतित हैं कि त्योहारी सीजन में सेल्स गिरेगी। सरकार को चाहिए कि मूल्य सीमा (2500 रु.) बढ़ाए या सिंगल स्लैब पर विचार करे। ग्राहक सतर्क रहें - बिल चेक करें, टैक्स की सच्चाई जानें। मामला अभी गर्म है, और आने वाले दिनों में और बहस हो सकती है।












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