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Durlabh Kashyap कौन था, जिसकी तरह बनना चाहता था Salman Lala? 15 की उम्र में तमंचों का बाजीगर!

Salman Lala Latest News: उज्जैन की गलियों में एक ऐसा नाम गूंजता था, जिसने महज 15 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में तहलका मचा दिया। माथे पर लाल टीका, आंखों में सूरमा, कंधे पर गमछा, और हाथ में तमंचा-ये थी दुर्लभ कश्यप की पहचान। वो नाबालिग लड़का, जो डॉन बनने का सपना देखता था, और जिसने उज्जैन को दहशत की आग में झोंक दिया।

उसकी कहानी इतनी खतरनाक थी कि इंदौर का कुख्यात गैंगस्टर सलमान लाला उर्फ शाहनवाज भी उसी की तरह 'बादशाह' बनने का ख्वाब देखने लगा। लेकिन दुर्लभ की जिंदगी जितनी तेजी से उभरी, उतनी ही जल्दी खून से सनी गैंगवार में खत्म हो गई। आइए, खोलते हैं इस किशोर गैंगस्टर की खौफनाक दास्तान, जिसने सलमान लाला को भी प्रेरित किया...

Who Was Durlabh Kashyap

Who Was Durlabh Kashyap: कौन था दुर्लभ कश्यप?

दुर्लभ कश्यप उज्जैन के एक सामान्य परिवार का बेटा था। पिता मनोज कश्यप सरकारी स्कूल में शिक्षक थे, और मां भी पढ़ी-लिखी। परिवार चाहता था कि दुर्लभ अच्छी शिक्षा लेकर बड़ा आदमी बने, लेकिन उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। जहां बच्चे डॉक्टर-इंजीनियर बनने के सपने देखते हैं, वहीं 15 साल की उम्र में दुर्लभ ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसका सपना था-उज्जैन का 'डॉन' बनना।

2016 में, जब वो सिर्फ 15 साल का था, दुर्लभ ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें डालनी शुरू कीं। वो खुलेआम धमकियां देता, और उसका स्टाइल-लाल टीका, काला सूरमा, और गमछा-युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हो गया। 16 साल की उम्र तक उसने अपनी गैंग बना ली थी, जिसमें 100 से ज्यादा नाबालिग लड़के शामिल थे। ये गैंग किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहती थी, और हर अपराध से पहले 'महाकाल' का नाम लेना इनकी पहचान थी।

Durlabh Kashyap Crime History- अपराध की दुनिया का 'महाकाल भक्त'

दुर्लभ का गैंग उज्जैन में आतंक का पर्याय बन गया। उसका ड्रेस कोड-काला कुर्ता, माथे पर टीका, और गले में गमछा-उसकी गैंग की यूनीफॉर्म बन गया। उज्जैन के दानीगेट इलाके में डागर और टाक परिवारों के बीच पार्किंग ठेके को लेकर चल रही जंग में दुर्लभ ने राहुल किलोसिया का साथ दिया। किलोसिया ने उसे फार्महाउस और पैसे दिए, और बदले में दुर्लभ की गैंग ने हर वारदात को बेरहमी से अंजाम दिया।

फरवरी 2017 में दुर्लभ पर पहला केस दर्ज हुआ, जब उसने 18 साल के एक लड़के पर चाकू से हमला किया। 2018 में उसने हत्या का पहला केस किया। 11-12 जनवरी की रात टाक परिवार के लड़कों से टकराव हुआ, और सिविल अस्पताल में दुर्लभ की गैंग ने अर्पित उर्फ कान्हा की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस मामले में नाबालिग होने के कारण उसे बाल सुधार गृह भेजा गया, लेकिन चार महीने बाद जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर आतंक मचाना शुरू कर दिया।

2018 में विधानसभा चुनाव से पहले उज्जैन के तत्कालीन एसपी सचिन अतुलकर ने दुर्लभ और उसके 23 साथियों को पकड़ा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकार ने पूछा, "दुर्लभ कौन है?", तो उसने बिंदास अंदाज में हाथ उठाकर अपनी पहचान बताई। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और दुर्लभ रातोंरात उज्जैन का 'हीरो' बन गया।

Ujjain Don- सोशल मीडिया का 'डॉन'

दुर्लभ ने सोशल मीडिया को अपने अपराध का हथियार बनाया। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वो खुलेआम सुपारी लेने के विज्ञापन देता था। "कोई विवाद हो, निपटारे के लिए संपर्क करें," जैसे स्टेटस के साथ वो अपनी गैंग को प्रमोट करता। उसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में थी, और उसका स्टाइल युवाओं को अपराध की राह पर खींच रहा था।

गैंगवार में खूनी अंत

7 सितंबर 2020 को दुर्लभ की जिंदगी का खौफनाक अंत हुआ। शाहनवाज गैंग के साथ गैंगवार में उस पर चाकुओं से 34 बार वार किए गए। महज 20 साल की उम्र में उज्जैन का ये 'डॉन' दुनिया छोड़ गया। लेकिन उसकी मौत के बाद भी उसका नाम जिंदा रहा। उसकी गैंग आज भी उज्जैन में सक्रिय है, और सोशल मीडिया पर उसके नाम से पेज चल रहे हैं।

Salman Lala Durlabh Kashyap Connection- सलमान लाला और दुर्लभ की छाया

इंदौर का गैंगस्टर सलमान लाला उर्फ शाहनवाज दुर्लभ कश्यप का दीवाना था। उसी की तरह उसने भी सोशल मीडिया पर अपनी 'डॉन' वाली इमेज बनाई। दो दर्जन फर्जी आईडी के जरिए वो मारपीट और अपराध के वीडियो डालता, जिससे युवाओं में खौफ और फैन फॉलोइंग दोनों बढ़ी। 13 साल की उम्र में सलमान पर दुष्कर्म के तीन केस दर्ज हो चुके थे, और 28 साल की उम्र तक उसके नाम 32 केस थे, जिनमें हत्या और ड्रग्स शामिल थे।

31 अगस्त 2025 को सलमान की लाश सीहोर के इंदौर-भोपाल हाईवे के पास पानी भरे गड्ढे में मिली। पुलिस का दावा है कि वो ड्रग्स केस में फरार था, और पुलिस से बचने के लिए तालाब में कूदा, जहां डूब गया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसकी हत्या की। उनका कहना है कि सलमान तैराक था, और समुद्र में तैरने का उसका वीडियो भी सबूत है।

दुर्लभ का असर आज भी

दुर्लभ कश्यप भले ही मर चुका हो, लेकिन उसकी गैंग और उसका स्टाइल आज भी जिंदा है। 2023 में एक नाबालिग लड़की को उज्जैन पुलिस ने पकड़ा, जो दुर्लभ की तरह टीका और गमछा लगाकर सोशल मीडिया पर धमकियां दे रही थी। 2022 में सागर-भोपाल के सीरियल किलर शिवप्रसाद ने दुर्लभ को अपना रोल मॉडल बताया।

दुर्लभ कश्यप की कहानी खत्म हो चुकी है, लेकिन उसका खौफ और सलमान लाला जैसे उसके 'शागिर्द' आज भी अपराध की दुनिया में उसकी छाप छोड़ रहे हैं। उज्जैन की गलियों में ये नाम अब भी गूंजता है, और शायद लंबे वक्त तक गूंजता रहेगा।

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