MP: सिक्का उछालकर हुआ चुनाव में हार-जीत का फैसला; जानिए क्यों उत्पन्न हुई विकट स्थिति?
रीवा, 19 जुलाई। बचपन में हम सभी ने हर दूसरी बात का फैसला करने के लिए सिक्का उछाला होगा। लेकिन क्या आज भी किसी डिसाइड करने के लिए आप सिक्का उछालते हैं? शायद ऐसा नहीं होता होगा। क्रिकेट में टॉस करना तो आम बात है। लेकिन क्या चुनाव में झांसी की हार जीत का फैसला करने के लिए टॉस किया जाता है? अगर अब तक आपने ऐसा नहीं सुना है। कुछ ऐसी ही स्थिति रीवा जिले में पार्षद प्रत्याशियों के बीच देखने को मिली। बताते हैं कि मऊगंज में पार्षद पद के दो उम्मीदवारों के बीच हार-जीत का फैसला सिक्का उछालकर किया गया। अंत में जीत का सेहरा बीजेपी उम्मीदवार बटलू निशा के सिर बंधा।

क्यों करना पड़ा ऐसा
बताया गया है कि मऊगंज के वार्ड क्रमांक 10 की सीट महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थी। यहां से बीजेपी उम्मीदवार बटलू निशा और कांग्रेस की रेशमा खान के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। रविवार को जब वोटों की गिनती हुई तो दोनो उम्मीदवारों को 382-382 वोट मिले, और मुकाबला बराबर हो गया। काफी विचार-विमर्श के बीच टॉस कर चुनावी परिणाम का फैसला करने पर सहमति बनी। दोनों ही पार्टी के प्रत्याशियों ने इस पर अपनी सहमति भी दे दी। किस्मत ने बीजेपी की बटलू निशा का साथ दिया।
2014 में भी हुआ था ऐसा
सब डिविजनल मजिस्ट्रेट मऊगंज एपी द्विवेदी ने जानकारी दी कि दोनो ही प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बराबर हो गया था। अंत में टॉस के आधार पर जीत-हार का फैसला करने का निर्णय लिया गया। बीजेपी के उम्मीदवार ने टॉस जीता और उसे विजय घोषित किया गया। 2014 में हुए पिछले निकाय चुनावों में भोपाल जिले के बेरसिया नगर पालिका वार्ड क्रमांक 14 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। तब प्रमुख उम्मीवारों में से इमरत कुशवाहा और खेम सिंह को 170-170 वोट हासिल हुए थे। जिसके बाद टॉस किया करने का निर्णय लिया गया। टॉस के बाद खेम सिंह को विजेता घोषित किया गया।












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