भोपाल में हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन, बाबर के नाम पर मस्जिद नहीं चलेगी, अब्दुल कलाम के नाम से बनाओ
MP News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर 1992 को शहीद हुई बाबरी मस्जिद की याद में दोबारा नींव रखे जाने के फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध जताया।
हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता दोपहर करीब 2 बजे भोपाल के व्यस्ततम 2 नंबर स्टॉप (न्यू मार्केट) पर एकत्र हुए। हाथों में भगवा झंडे, तख्तियां और एक बड़ा सा पोस्टर था, जिस पर लिखा था -
"बाबर के नाम वाला सार्वजनिक शौचालय - प्रवेश निःशुल्क" कार्यकर्ताओं का इरादा इस पोस्टर को न्यू मार्केट के सार्वजनिक शौचालय परिसर में चस्पा करने का था।

"बाबर का नाम मिट्टी में मिला देंगे"
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने सभास्थल पर जोरदार भाषण दिया। उन्होंने कहा - "बाबर एक विदेशी आक्रांता था, जिसने हजारों मंदिर तोड़े, लाखों हिंदुओं का कत्ल किया। उसके नाम पर मस्जिद बनाना हिंदुओं के घोर अपमान है। अगर मस्जिद बनानी ही है तो देशभक्त मुस्लिम महापुरुषों - डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम या क्रांतिकारी अशफाकउल्ला खान के नाम से बनाओ। बाबर के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगने देंगे।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार बाबरी मस्जिद के नाम पर नींव रखने का काम आगे बढ़ाती है तो पूरे देश में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आएंगे।
पोस्टर छीनने पर भिड़े कार्यकर्ता और पुलिस
जैसे ही कार्यकर्ता पोस्टर लेकर सार्वजनिक शौचालय की ओर बढ़े, भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। तैनात टीआई कोतवाली ने पोस्टर जब्त कर लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कार्यकर्ता चिल्लाने लगे -
"पोस्टर वापस करो... बाबर का अपमान करो!" पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, लेकिन कार्यकर्ता करीब दो घंटे तक सड़क पर ही डटे रहे।
मौके पर क्वीक रिस्पांस फोर्स (QRF) की दो प्लाटून (लगभग 40 जवान), कोतवाली और जहांगीराबाद थाने के 25-30 पुलिसकर्मी तैनात रहे। बैरिकेडिंग लगाकर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
हिंदू संगठनों की मांगें
1. पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद का नाम तुरंत बदला जाए
2. बाबर के नाम पर कोई भी धार्मिक स्थल बनाने की अनुमति न दी जाए
3. देश में सभी आक्रांताओं के नाम पर बनी इमारतों-स्थलों का नाम बदलकर देशभक्तों के नाम पर किया जाए
दूसरी ओर... मुस्लिम संगठनों की चेतावनी
इसी बीच भोपाल के कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी बयान जारी किया है कि "बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी, उसकी याद में नींव रखना हमारा हक है। हिंदू संगठनों का विरोध सांप्रदायिकता फैलाने की साजिश है।"
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
(रिपोर्ट: भोपाल से हमारे संवाददाता)
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