MP News: प्रेमानंद महाराज ने ठुकराई इटारसी के आरिफ की किडनी, बोले- वृंदावन बुलाकर उनका करेंगे सम्मान
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने इटारसी के युवक आरिफ खान चिश्ती की किडनी दान करने की पेशकश को विनम्रता से ठुकरा दिया है। उन्होंने आरिफ की इस भावना को सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता का अनुकरणीय उदाहरण बताते हुए उनकी सराहना की।
प्रेमानंद महाराज ने आरिफ को जल्द ही वृंदावन बुलाकर सम्मानित करने का आश्वासन दिया है। यह मामला न केवल सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आरिफ की उदार पेशकश
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में न्यास कॉलोनी निवासी आरिफ खान चिश्ती ने 20 अगस्त 2025 को वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की इच्छा जताई। आरिफ ने इस संबंध में नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा के माध्यम से एक पत्र लिखा और प्रेमानंद महाराज को ई-मेल व व्हाट्सएप के जरिए भी संदेश भेजा। अपने पत्र में आरिफ ने लिखा, "प्रेमानंद महाराज हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। वे समाज में प्रेम और शांति का संदेश देते हैं। मुझे मीडिया से पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हैं, इसलिए मैं अपनी एक किडनी दान करना चाहता हूं।"
आरिफ, जो एक कोरियर दुकान चलाते हैं, ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी और परिवार इस नेक काम में उनके साथ हैं। उनकी इस पहल को स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली।
प्रेमानंद महाराज का जवाब
प्रेमानंद महाराज, जो ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD) से पीड़ित हैं और जिनकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं, ने आरिफ की पेशकश को विनम्रता से अस्वीकार कर दिया। उनके सहायक प्रतीक ने 23 अगस्त 2025 को वृंदावन के श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम से आरिफ को फोन कर बताया कि उनका संदेश महाराज तक पहुंच गया है। प्रतीक ने कहा, "महाराज को आरिफ की उदारता और उनकी सोच बहुत पसंद आई। ऐसी भावना हर इंसान में होनी चाहिए, जो सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देती है। लेकिन महाराज किसी की किडनी नहीं ले सकते।"
प्रेमानंद महाराज ने आरिफ को जल्द ही वृंदावन बुलाकर व्यक्तिगत रूप से मिलने और सम्मानित करने का आश्वासन दिया। प्रतीक ने यह भी कहा कि महाराज इस तरह की भावनाओं को समाज के लिए एक मिसाल मानते हैं और इसे और बढ़ावा देना चाहते हैं।
प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य स्थिति
प्रेमानंद महाराज पिछले 19 वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के कारण उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं, और वे नियमित डायलिसिस पर हैं। इसके बावजूद, वे अपनी आध्यात्मिक साधना और भक्तों के साथ सत्संग जारी रखते हैं। उनकी दिनचर्या में सुबह 2 बजे वृंदावन की परिक्रमा, केवल 3-4 घंटे की नींद, और आधी रोटी व थोड़ी सब्जी का भोजन शामिल है। उनकी इस जीवटता ने लाखों भक्तों को प्रेरित किया है।
इससे पहले भी कई लोग, जिनमें बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा शामिल हैं, प्रेमानंद महाराज को किडनी दान करने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन महाराज ने हर बार इसे विनम्रता से ठुकरा दिया। उन्होंने एक सत्संग में कहा था, "राधा रानी ने जितना जीवन दिया है, उतना ही जिऊंगा। किसी का जीवन लेकर मैं खुश नहीं रह सकता।"
प्रेमानंद महाराज: एक प्रेरणा
प्रेमानंद महाराज, जिनका असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है, का जन्म 1969 में उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। वे पिछले 30 वर्षों से वृंदावन में रह रहे हैं और श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम के माध्यम से राधा-कृष्ण भक्ति का प्रचार करते हैं। उनकी सादगी, भक्ति, और बीमारी के बावजूद सक्रियता ने उन्हें लाखों भक्तों का प्रिय बनाया है। वे विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, और कई अन्य हस्तियों के लिए भी आध्यात्मिक मार्गदर्शक रहे हैं।
हालांकि, उनकी लोकप्रियता के साथ कुछ विवाद भी जुड़े हैं। हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उन्हें चमत्कारी पुरुष मानने से इनकार किया और संस्कृत श्लोक का अर्थ बताने की चुनौती दी। इसके बावजूद, प्रेमानंद महाराज की भक्ति और मानवता के प्रति समर्पण पर कोई सवाल नहीं उठा है।












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